Mushroom Training Workshop: सीकर में किसानों को मशरूम की खेती के जरिए आय बढ़ाने का नया मौका मिलने जा रहा है. कृषि विज्ञान केंद्र अरनिया मूडरू में 10 दिन की विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित होगी, जिसमें प्रदेशभर के किसान शामिल होंगे. वैज्ञानिक आधुनिक तकनीक से मशरूम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया सिखाएंगे, ताकि किसान कम जगह में भी अच्छी कमाई कर सकें.
Mushroom Training Workshop: सीकर में किसान मशरूम की खेती को लेकर जागरूक हुई है. जिले में बहुत से किसान ये खेती कर रहे हैं. मशरूम की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा है. अगर यह खेती आधुनिक तकनीक से की जाए तो लाखों का मुनाफा देती है. इसकी खेती को लेकर सरकार और कई निजी संस्थाएं भी किसानों को जागरूक कर रही हैं. मशरूम की खेती की बारीकियों को सिखाने के लिए सीकर में मशरूम प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजित होगा.

इस कार्यशाला में केवल सीकर ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के किसान शामिल होगी. यह मशरूम प्रशिक्षण कार्यशाला कृषि विज्ञान केंद्र अरनिया मूडरू विज्ञान अनिया में पीएनबी आरसेटी सीकर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगी. इसमें किसानों को प्रोपर मशरूम की खेती के सेटअप के साथ इसकी खेती को लेकर लेकर जानकारी दी जाएगी. सबसे खास बात ये है कि अगर कोई किसान यह खेती शुरू करना चाहता है, उसकी भी मदद की जाएगी.

प्रशिक्षण समन्वयक पीएनबी आरसेटी संस्था सीकर चांदनी कौशिक ने बताया कि इस कार्यशाला में प्रदेश के 30 लोग भाग लेंगे. इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण सामग्री एवं ड्रेस वितरित भी दी जाएगी. वैज्ञानिक डॉक्टर शंकर लाल कसवा यहां आने वाले किसानों को मशरूम की खेती को लेकर सम्पूर्ण जानकारी देंगे. समन्वयक ने बताया कि कि इस कार्यशाला में आने वाले सभी ये खेती शुरू करना चाहते हैं.
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वैज्ञानिक डॉक्टर शंकर लाल कसवा ने बताया कि इस मशरूम प्रशिक्षण कार्यशाला 10 दिन तक आयोजन किया जाएगा. इसमें भाग लेने वाले लोगों को प्रगतिशील किसान बनाने पर अधिक फोकस किया जाएगा. इसके अलावा मशरूम की खेती के लगातार संचालन को लेकर सभी तरह की जानकारी दी जाएगी. इसमें कृषि वैज्ञानिक सहित मशरूम विशेषज्ञ मास्टर ट्रेनर द्वारा भी प्रशिक्षण दिया जाएगा.

कार्यशाला में पोस्ट बजट वेबीनार प्रसारण भी दिखाया गया. ऐसे में इस खास प्रशिक्षण के बाद किसान अपने घर में ही मशरूम फसल उगा अपनी आय दुगनी कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं. पिछले कई सालों से मशरूम की सफल खेती कर रहे मोटा राम शर्मा ने बताया कि यह खेती सामान्य खेती से बिल्कुल अलग होती है. इसमें शुरू के समय अधिक देखभाल करनी पड़ती है. किसानों को इस खाती की शुरुआत ऑस्टर मशरूम से करनी चाहिए.

इसके अलावा अपने घर में लेब बनाकर कीड़ा जड़ी मशरूम की खेती भी कर सकते हैं. इस मशरूम अंतराष्ट्रीय मार्केट में बहुत डिमांड है. उन्होंने बताया कि इस मशरूम की प्रति किलो की कीमत 20 लाख से अधिक है. वैज्ञानिक डॉक्टर शंकर लाल के अनुसार मशरूम की खेती के लिए बंद कमरे में अनुकूल वातावरण तैयार किया जाता है. इसके बाद ही राजस्थान में इसकी खेती संभव है.
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