पशुओं की देखभाल के लिए घरेलु नुस्खे
लेकिन राहत की बात ये है कि इस परेशानी से बचने के लिए हर बार महंगे इंजेक्शन या दवाइयों की जरूरत नहीं. स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आरपी परौहा बताते हैं कि कुछ आसान और सस्ते घरेलू उपाय अपनाकर पशुपालक अपने पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं.
डॉ. परौहा के मुताबिक, नीम का काढ़ा पेट के कीड़ों का सबसे बड़ा दुश्मन है. नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर ठंडा करके पशुओं को पिलाने से कीड़े मर जाते हैं और पशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है. चाहें तो नीम की ताजी पत्तियां भी चारे के साथ खिलाई जा सकती हैं.
पेट दर्द, गैस या अफरा महसूस हो तो करें ये उपाय
अगर पशु को पेट दर्द, गैस या अफरा महसूस हो रही हो, तो अजवाइन और सेंधा नमक को गुनगुने पानी में मिलाकर पिलाना काफी असरदार होता है. इससे पाचन सही रहता है और दर्द में आराम मिलता है. दस्त की स्थिति में छाछ में काला नमक और जीरा पाउडर मिलाकर देना या फिर केले के तने का रस पिलाना बहुत फायदेमंद माना जाता है.
बुखार, सर्दी या खांसी हो जाए करें ये घरेलु उपाय
वहीं अगर पशु को बुखार, सर्दी या खांसी हो जाए, तो लहसुन, अदरक और तुलसी की पत्तियों का काढ़ा बनाकर दिन में दो बार पिलाएं. इससे संक्रमण जल्दी ठीक होता है. सर्दियों में गुड़ और सरसों का तेल मिलाकर खिलाने से शरीर में गर्मी बनी रहती है और बीमारियों से बचाव होता है.
डॉ. परौहा बताते हैं कि पेट में कीड़ों के कुछ साफ संकेत होते हैं. जैसे – पशु का मिट्टी खाना, कमजोर दिखना, बदबूदार मटमैला दस्त आना, गोबर में काले रंग का खून या कीड़े दिखना, आंखों से पानी आना और स्किन का खुरदरा होना. दुधारू पशुओं में दूध का अचानक कम हो जाना भी बड़ा संकेत है.
सर्दियों में खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि ओस वाली घास पर कीड़ों के लार्वा आ जाते हैं. इसलिए सुबह धूप निकलने से पहले पशुओं को चराने न भेजें. मानसून के बाद नियमित डीवर्मिंग और समय पर देखभाल से बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है.
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