श्रीराम कथा समिति के तत्वावधान में शनिवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। सुबह निकली इस यात्रा में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। 108 महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर यात्रा में शामिल हुईं, जबकि बैंड-बाजे और डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। यात्रा सुबह 10 बजे चिंताहरण हनुमान मंदिर से शुरू होकर चौबे कॉलोनी राजकुमार कॉलेज जीई रोड और मारुति बिजनेस पार्क से होती हुई पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम स्थित कथा स्थल पहुंची। यात्रा में करीब एक हजार से अधिक श्रद्धालु हाथों में ध्वज लेकर शामिल हुए। वृंदावन धाम से पधारे कथा व्यास संत चिन्मय दास महाराज विशेष सजी बग्गी में विराजमान होकर यात्रा में शामिल हुए।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ कलश यात्रा का विशेष आकर्षण लाइव रंगोली रही। यात्रा के आगे-आगे कलाकार सड़क पर आकर्षक रंगोलियां बनाते चल रहे थे और हर दो मिनट में नई रंगोली बनाकर अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान समिति प्रमुख प्रकाश अग्रवाल, विष्णु गोयल, पार्षद आनंद अग्रवाल, रुपा मेहडिया, सीए गोपाल, दमोदर अग्रवाल और संजय अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
दोपहर 3:30 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। पहले दिन कथा व्यास संत चिन्मय दास महाराज ने मंगलाचरण, भागवत महात्म्य और सुखदेव जी की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि जहां भगवान की कथा होती है, वहां सभी तीर्थों का वास हो जाता है और जो श्रद्धालु कथा सुनते हैं, उन्हें सभी तीर्थों का फल प्राप्त होता है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.