Shivpuri News: होली का सीजन खत्म होते ही उनके गोदाम में एक नया काम शुरू हो जाता है. रंग पंचमी के बाद बाजार की दिशा रक्षाबंधन के त्योहार की ओर मुड़ जाती है. ऐसे में पहले से ही राखियों के निर्माण और पैकिंग का काम शुरू हो जाता है.
होली का सीजन खत्म होते-होते उनके गोदाम में एक नया काम शुरू हो जाता है. वह बताते हैं कि रंग पंचमी के बाद बाजार की दिशा रक्षाबंधन की ओर मुड़ जाती है. ऐसे में पहले से ही राखियों के निर्माण और पैकिंग का काम शुरू कर दिया जाता है. यही नहीं, उनके यहां दीवाली और अन्य प्रमुख त्योहारों के लिए भी समय से पहले तैयारी शुरू हो जाती है. उनका कहना है कि त्योहार अचानक नहीं आते बल्कि उनकी योजना महीनों पहले बना ली जाती है.
सालभर काम करते हैं कर्मचारी
वीडी जैन के अनुसार, उनके प्रतिष्ठान में 12 महीने कर्मचारी काम पर लगे रहते हैं. किसी भी सीजन में काम ठप नहीं होता बल्कि उत्पाद बदल जाते हैं. होली में रंग और गुलाल, रक्षाबंधन में राखियां, दीवाली में सजावटी सामग्री और अन्य त्योहारों के अनुसार अलग-अलग सामान तैयार किया जाता है. इस तरह कारोबार पूरे साल चलता रहता है और कर्मचारियों को भी निरंतर रोजगार मिलता है.
ग्राहकों तक सीधी पहुंच
वह आगे बताते हैं कि शिवपुरी के मुख्य बाजारों में उनकी कई दुकानें संचालित हैं, जिससे उन्हें ग्राहकों तक सीधी पहुंच मिलती है. थोक व्यापार के साथ-साथ खुदरा बिक्री भी उनके व्यवसाय को मजबूती देती है. उनका मानना है कि अगर व्यापारी समय के साथ सीजन को समझें और पहले से तैयारी करें, तो हर त्योहार एक अवसर बन सकता है. वीडी जैन की यह सक्सेस स्टोरी बताती है कि बदलते मौसम और त्योहारों के साथ कारोबार की रणनीति भी बदलनी चाहिए. सही प्लानिंग, गुणवत्ता पर ध्यान और ग्राहकों का भरोसा, यही तीन बातें उनके व्यवसाय की सफलता की आधारशिला हैं. शिवपुरी में उनका यह मॉडल अन्य व्यापारियों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है कि कैसे त्योहारों के सीजन को पहचान कर सालभर स्थिर और सफल कारोबार किया जा सकता है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
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