शिवपुरी में पं. धीरेन्द्र शास्त्री बागेश्वर महाराज की कथा के मंच से पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आईएएस संतोष वर्मा पर टिप्पणी करते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मिश्रा ने कहा कि सनातन धर्म में भी संतोष वर्मा जैसे विकृत मानसिकता वाले लोग मौजूद हैं, जो ब्राह्मण की बेटी दान में लेने और बेटे से संबंध बनाने जैसी शर्मनाक और समाज को तोड़ने वाली बातें सार्वजनिक मंच से कहते हैं। यह समाज में वैमनस्य और विद्वेष फैलाने का काम है। सरकार ऐसे अधिकारी पर सख्त कार्रवाई करे अन्यथा सनातनधर्मी अपनी ओर से कार्रवाई करेंगे।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि यह मामला मात्र टिप्पणी का नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता पर सीधा हमला है। पं. धीरेन्द्र शास्त्री का अभियान समाज को एकजुट करने वाला है, जबकि ऐसे बयान समाज को तोड़ने का प्रयास करते हैं। सनातन धर्म अमृत समान है, लेकिन हर किसी को अमृत हजम नहीं होता। जैसे देसी घी, शहद, मिश्री औषधियां हैं, फिर भी कुछ जानवरों को पचती नहीं हैं। कुत्ता शहद खाने से मर जाता है। उसी प्रकार सनातन धर्म रूपी औषधि कई लोगों को नहीं पचती, कई लोगों को सनातन की महानता हजम नहीं होती।
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मिश्रा ने स्पष्ट किया कि उनका किसी को जानवर से तुलना करने का इरादा नहीं था, बल्कि उनका तात्पर्य यह था कि सनातन की गहराई और पवित्रता को हर व्यक्ति समझ नहीं सकता। उन्होंने कहा कि महाराज धीरेंद्र शास्त्री समाजिक समरसता और हम सब हिंदू भाई-भाई का संदेश देते हैं, लेकिन सनातन विरोधी लोग समाज में जहर घोलने का प्रयास कर रहे हैं। मिश्रा ने कहा कि सनातन धर्म सत्य, सद्भाव और आत्मबल का प्रतीक है और उसे कमजोर करने का हर प्रयास असफल होगा।
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