शिवपुरी के देहात थाना क्षेत्र में एक कार में हुई तोड़फोड़ का मामला अब गरमा गया है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी (आर.के. पुरम) निवासी दो छात्रों की माताओं ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर अपने बेटों के खिलाफ दर्ज मामले में निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है। माताओं का आरोप है कि बजरंग दल नेता की कार में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने राजनीतिक प्रभाव के चलते एकतरफा कार्रवाई करते हुए उनके बेटों पर कठोर धाराओं में केस दर्ज किया है। माताओं ने एसपी कार्यालय में बताया कि उनके बेटे दिव्यम सैनी (बी.ए. प्रथम वर्ष का छात्र) और आशुतोष लोधी (इंजीनियरिंग छात्र) घटना की रात एक साथ थे। उन दोनों पर बजरंग दल के विभाग संयोजक उपेंद्र यादव की कार में तोड़फोड़ करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शिवपुरी के देहात थाने में अपराध क्रमांक 75/2026 दर्ज किया गया है। बिना पूरी जांच किए हिरासत में लिए गए छात्र, नहीं सुनी गई बात आरोपी छात्रों की माताओं का सीधा आरोप है कि इस मामले में राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है और बहुत ही कठोर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर दिया है। उनका यह भी कहना है कि पुलिस ने घटना की पूरी और निष्पक्ष जांच किए बिना ही दोनों युवा छात्रों को आनन-फानन में हिरासत में ले लिया और उनके परिवार का पक्ष ठीक से सुना ही नहीं गया। SP से जांच अधिकारी बदलने और कार्रवाई की गुहार इन आरोपों के साथ माताओं ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। इसके साथ ही, उन्होंने केस डायरी किसी अन्य जांच अधिकारी को सौंपने का भी आग्रह किया है। माताओं ने अपनी शिकायत में यह गुहार भी लगाई है कि यदि इस पूरी जांच प्रक्रिया में पुलिस की ओर से कोई त्रुटि या लापरवाही हुई है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए।
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