ज्ञानी हरप्रीत सिंह प्रेस कांफ्रेंस में जानकारी देते हुए।
शिरोमणि अकाली दल ( पुनर सर्जित) की अहम बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और अकाली दल (बादल) पर कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी पंजाब और पंथ के मुद्दों को लेकर सी
हरप्रीत सिंह ने कहा कि हमारी इच्छा नहीं पार्टी बनाने की नहीं थी। सुखबीर बादल की जिद्द की वजह से यह सब हुआ है। आज भी वह जिद त्याग दे तो एकता हो सकती है। वह प्रधान पद छोड़ दे, मैं भी प्रधानगी छोड़ने को तैयार हूं। फिर एकता ही है। वह त्याग के लिए तैयार तो हो। वहीं, जो 1920 में अकाली दल का जो एजेंडा था। हम उसे लेकर आग चलेंगे। पार्टी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में लगे होंगे। हो सकता है कि अगले दिन में यह प्रक्रिया पूरी हो जाए।
मनरेगा और केंद्र की नीतियों का विरोध
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि केंद्र द्वारा मनरेगा योजना में किए गए बदलाव ‘मजदूर विरोधी’ हैं और इससे पंजाब के गरीब मजदूरों पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा, “केंद्र ने मजदूरों के काम-काज में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चाहे बिजली बिल की बढ़ोतरी हो या भूमि पूलिंग एक्ट, केंद्र लगातार पंजाब को नुकसान पहुँचा रहा है, जबकि पंजाब सरकार चुप बैठी है।” उन्होंने मतेवाड़ा के जंगलों के मुद्दे को भी गंभीरता से उठाया।
पावन सरूप और कोहली की गिरफ्तारी
सतिंदर सिंह कोहली की गिरफ्तारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वे खुद इस जांच से जुड़े रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि SGPC कोहली को बचाना चाहती थी, इसलिए पहले जांच से पीछे हटाया गया। उन्होंने कहा कि कोहली की जिम्मेदारी सरूपों की जांच करने की थी, जिसमें वह असफल रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि SGPC को अपने मामलों में सरकारी दखलअंदाजी का मौका नहीं देना चाहिए था, लेकिन यह सिलसिला बादल सरकार के समय से शुरू हुआ।
पंथक एकता और पदों का त्याग
पंथिक एकता के सवाल पर ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा, “अगर सुखबीर सिंह बादल अध्यक्ष पद छोड़ दें, तो मैं भी अपना पद छोड़ने को तैयार हूं।” उन्होंने अकाली दल (बादल) के IT विंग पर अफवाहें फैलाने का आरोप भी लगाया।
मनप्रीत सिंह अयाली का स्टैंड
इस मौके पर विधायक मनप्रीत सिंह इआली ने कहा कि वे किसी गुटबाजी में नहीं हैं, बल्कि केवल श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम पंजाब के भले के लिए एकजुट हैं, हमें पदों का कोई लालच नहीं। अगर सभी नेता अपने पद छोड़ दें तो आज भी एकता संभव है।”
पार्टी की रजिस्ट्रेशन और भविष्य
बैठक में बताया गया कि पार्टी की रजिस्ट्रेशन की कागजी कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है और अगले 10 दिनों में पार्टी रजिस्टर्ड हो सकती है। जल्द ही पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) का गठन भी किया जाएगा।
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