हिमाचल प्रदेश के 1 राज्यसभा सीट पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक बिसात बिछने लगी है. शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ मीटिंग भी हुई. हालांकि सभी की निगाहें कांग्रेस के उम्मीदवार पर टिकी हुई है. यहां तक की बीजेपी भी इसी पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि वह अपनी चुनावी चाल चल सके. कांग्रेस का उम्मीदवार गैर हिमाचली होने पर भाजपा द्वारा प्रत्याशी उतारने की प्रबल संभावना है.
हिमाचल में राज्यसभा चुनाव को लेकर तैयारी तेज. (सांकेतिक तस्वीर)
16 मार्च को होगा राज्यसभा चुनाव
हिमाचल प्रदेश में राज्य सभा की एक सीट के लिए 16 मार्च को चुनाव होना है. दो साल बाद फिर से यह राज्य सभा चुनाव कांग्रेस की सियासी परीक्षा ले सकता है. राज्य सभा चुनाव के लिए सियासी बिसात भी बिछनी शुरू हो गई है. सत्ताधारी कांग्रेस में इस सीट के लिए कई दावेदार हैं और शुक्रवार शाम को दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में इस चुनाव पर चर्चा हुई है.
भाजपा कांग्रेस पर बनाए हुए है नजर
वहीं, भाजपा तेल देखो ‘’तेल की धार देखो की नीति’’ पर चल रही है. कांग्रेस के उम्मीदवार पर ही भाजपा का दांव निर्भर कर रहा है. सियासी गलियारों में चर्चा है कि अगर कांग्रेस उम्मीदवार गैर हिमाचली होगा, तो भाजपा की ओर से प्रत्याशी उतारने की संभावनाएं प्रबल हैं. कांग्रेस दो साल पहले गैर हिमाचली प्रत्याशी उतार कर बहुमत के बावजूद सीट हार गई थी. बाहरी प्रत्याशी के विरोध में कांग्रेस के 6 विधायकों ने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर अपना वोट क्रॉस कर दिया था. इसके बाद कांग्रेस के सामने उस समय सरकार बचाने का संकट खड़ा हो गया था. ऐसे में इस बार कांग्रेस इस चुनाव में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है.
कांग्रेस में इन नामों की हो रही चर्चा
कांग्रेस की बात करें तो प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के नामों की चर्चा है. कांग्रेस आलाकमान के पास इन तीन नामों के अलावा भी विकल्प खुले हैं. प्रदेश कांग्रेस ने इस संबंध में गेंद आलाकमान के पाले में डाल रखी है. ऐसे में नजरें हाईकमान पर टिकी हैं. उधर, भाजपा ने इस संबंध में अपने पत्ते अभी नहीं खोले हैं. उनकी नजर कांग्रेस पर टिकी है और उनके प्रत्याशी घोषित होने के बाद वह आगे रणनीति बनाएगी.
क्या है राजनीतिक समीकरण
विधान सभा में कांग्रेस के पास 68 में से 40 विधायक हैं और भाजपा के 28 विधायक हैं और इस बार भी भाजपा के पास खोने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन कांग्रेस की गुटबाजी का फायदा उठाया जा सकता है. वहीं, जानकारी के अनुसार भाजपा में एक बार फिर से कांग्रेस को झटका देने के बारे में विचार चल रहा है. इन चर्चाओं पर कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने भाजपा पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस क्या करेगी ये कांग्रेस को तय करना है. उन्होंने कहा कि 5 गुटों में बंटी हुई बीजेपी को अपनी पार्टी की तरफ देखना चाहिए. वहीं, नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा है कि इस मामले पर पार्टी के स्तर पर चर्चा होनी है और पार्टी आलाकमान इस पर निर्णय करेगा.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें
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