शिमला के हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में सोमवार को एक छात्र पर चाकू से हमले के बाद मंगलवार को भी परिसर में तनाव बना रहा। इस घटना के विरोध में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में एसएफआई कार्यकर्ता परिसर में एकजुट हुए और हमलावर छात्र के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसएफआई के छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक संस्कृति पर लगातार हमलों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने का स्थान नहीं है, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक चेतना विकसित करने का केंद्र है। छात्र नेताओं ने कहा कि परिसर में हिंसा और आपराधिक घटनाएं पूरे शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करती हैं। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की एसएफआई ने विधि विभाग के बाहर हुई चाकूबाजी की घटना पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसर में पहले भी मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आई थीं, जिनकी शिकायत पुलिस में दर्ज की गई थी। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से परिसर को नशे, हिंसा और असामाजिक गतिविधियों से मुक्त रखने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। पुलिस ने परिसर में सुरक्षा कड़ी की एसएफआई के प्रदर्शन के बीच पुलिस पूरे परिसर में चप्पे चप्पे पर तैनात है। पुलिस की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस ने कहा कि वह परिसर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
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