शिमला. हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत नए नियमों का ऐलान किया है. प्रदेश में शराब के दामों में मार्जिन से लेकर शादी ब्याह में शराब परोसने के नियम तय किए गए हैं. अहम बात है कि सरकार ने यात्रा के दौरान शराब की बोतलें ले जाने का नियम भी तय किया है.
गौर रहे कि पहले एक शख्स अपने साथ शराब की दो बोतलें ले जा सकता था. लेकिन अब नियम बदला गया है. नई आबकारी नीति के अनुसार, अब शराब की बोलतों पर क्यूआर कोड भी लगेगा, इससे अवैध बिक्री पर भी रोक लगेगी.
जानकारी के अनुसार, देशभर में सभी राज्यों मे यात्रा के दौरान शराब की बोतलें ले जाने को लेकर नियम है और दो से अधिक बोतलें नहीं ले जा सकते हैं. हालाकि, सुक्खू सरकार ने इस नियम में अब ढील दी है. उधर, देसी शराब केवल उन्हीं बोतलों में भरी जाएगी, जिन्हें आयुक्त की ओर से मंजूरी दी जाएगी. आयुक्त की अनुमति से अन्य आकार की बोतलें भी स्वीकृत की जा सकती हैं. प्रत्येक बोतल पर निर्धारित सुरक्षा चिह्न (जैसे होलोग्राम) लगाना अनिवार्य होगा, ताकि नकली और अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाई जा सके. इसके अलावा, देसी शराब की पाउच में बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी.
नियम में कहा गया है कि यदि पड़ोसी पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में पॉलिथीन पाउच में बिक्री प्रचलित होती है, तो विशेष परिस्थितियों में आयुक्त को अनुमति दे सकते हैं. उधर, सरकार का मानना है कि क्यूआर कोड से ना केवल नकली शराब पर रोक लगेगी, बल्कि राजस्व में भी वृद्धि होगी.
आम आदमी कितनी बोलतें ले जा सकता है
नई नीति के तहत एकस व्यक्ति एक बार में 750 एमएल की छह बोतलें या 1000 एमएल की पांच बोतलें अपने साथ ले जा सकता है. उध, बीयर को लेकर 24 बोतलें (650 एमएल) या 5-5 लीटर के तीन कैन तक ले जाने की अनुमति सरकार ने अब दी है. उधर, घरेलू फंक्शनों और पारिवारिक उपयोग के लिए भी निर्धारित सीमा तय की गई है और सामाजिक आयोजनों के लिए परमिट के तहत 72 बोतल और 78 बीयर सर्व की जा सकती हैं.
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