Crop Care In Chilling Winters: गिरते तापमान और शीतलहर से फसलें प्रभावित हो रही हैं. डॉ. अंकित तिवारी ने किसानों को पाले से बचाव के उपाय बताएं और यह भी समझाया कि इन्हें कैसे इस्तेमाल में लाना है और किन बातों का ध्यान रखना है.
फसल को ऐसे बचाएं पाले से
इसी को लेकर तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय, गोड्डा के प्रोफेसर डॉ. अंकित तिवारी ने किसानों को पाले से बचाव के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं. उन्होंने बताया कि सबसे पहले किसानों को अपने खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखनी चाहिए. पाले की आशंका वाले दिनों में हल्की सिंचाई करने से खेत का तापमान संतुलित रहता है और फसलों को ठंड से सुरक्षा मिलती है. सूखी मिट्टी की तुलना में नम मिट्टी ठंड से कम नुकसान झेलती है.
पोटाश और सल्फर स्प्रे की सीमित मात्रा
डॉ. तिवारी ने बताया कि किसान अपनी फसलों पर सीमित मात्रा में पोटाश और सल्फर का स्प्रे कर सकते हैं. इससे पौधों की सहन शक्ति बढ़ती है और वे कम तापमान को बेहतर तरीके से सह पाते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी सलाह दी कि स्प्रे की मात्रा संतुलित रखें और कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही इसका उपयोग करें.
धुआं कर सकते हैं पर सावधानी से
इसके अलावा उन्होंने पारंपरिक उपायों की भी जानकारी दी. डॉ. तिवारी के अनुसार, किसान अपने खेतों के चारों ओर धुआं कर कोहरे और पाले के प्रभाव को कम कर सकते हैं. शाम या देर रात के समय खेतों के किनारे सूखी घास, पुआल या कृषि अवशेष जलाकर हल्का धुआं करने से तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होती है, जिससे पाले का असर कम होता है. हालांकि आग जलाते समय पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है.
कृषि विशेषज्ञ ने यह भी कहा कि मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है. पाले की संभावना होने पर समय रहते बचाव के उपाय अपनाने से फसलों को भारी नुकसान से बचाया जा सकता है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
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