पूर्णिया में एक किराये के मकान में एक निजी एक कर्मचारी का शव फंदे से लटका पाया गया। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की और लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पूर्णिया जीएमसीएच भेज दिया। घटना सदर थाना क्षेत्र के गुलाबबाग दमका चौक के पास की है। मृतक की पहचान बेगूसराय जिले के सिमरिया निवासी नागेश्वर बाग के पुत्र संजीव कुमार उर्फ सुशील (35) के रूप में हुई है।
मृतक के भाई रजनीश कुमार ने इस आत्मघाती कदम के पीछे कंपनी के भारी मानसिक दबाव को जिम्मेदार ठहराया है। रजनीश ने कहा कि संजीव पर काम का बहुत ज्यादा बोझ था। इसी दबाव के कारण दो साल पहले उनके बड़े भाई नितेश ने भी इसी कंपनी से इस्तीफा दे दिया था। दो दिन पहले ही संजीव ने अपने बच्चों की स्कूल फीस के लिए 3 हजार घर भेजे थे।
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परिजनों के लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि अपने बच्चों के भविष्य की चिंता करने वाला पिता अचानक ऐसा कदम उठा लेगा। वहीं, शंकर मोटर्स के सेल्स कर्मी अमित कुमार ने इन आरोपों को निराधार बताया है। कंपनी की ओर से कहा गया कि काम का कोई अतिरिक्त दबाव नहीं था। अगर ऐसा होता, तो वे नौकरी छोड़ सकते थे। फिलहाल कंपनी के अन्य कर्मचारी इस घटना से स्तब्ध हैं।
वहीं सदर थाना के अपर थानाध्यक्ष शशि कुमार भगत ने बताया कि जब संजीव ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, तो सहकर्मियों ने उन्हें कई बार फोन किया। फोन रिसीव न होने पर कंपनी के कर्मचारी उनके भारत पेट्रोल पंप के पास स्थित किराये के कमरे पर पहुंचे। मकान मालिक की मौजूदगी में जब कमरे का दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर संजीव का शव पंखे से झूलता मिला। वहीं सदर थाना पुलिस ने शव को पूर्णिया जीएमसीएच भेज दिया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह वाकई काम के तनाव का मामला है या इसके पीछे कोई और व्यक्तिगत कारण था। परिजनों के आने के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
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