औरंगाबाद में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिले में इस बार ठंड ने पिछले सात वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साल 2018 न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, जबकि सात साल बाद एक बार फिर तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है।
अधिकतम तापमान भी महज 16 से 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मंगलवार को हल्की धूप जरूर निकली, लेकिन कोई खास राहत नहीं मिल सकी। ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों में सुबह के समय कोहरा छाया रहा। 8 जनवरी तक घना कोहरा और कोल्ड-डे का अलर्ट जारी किया है।
औरंगाबाद में अलाव सेंकते लोग
मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था
कृषि विभाग के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनूप चौबे ने बताया कि आगामी कुछ दिनों तक न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना है। साथ ही दो से तीन दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है, जिससे ठंड का असर बढ़ेगा।
कड़ाके की ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में हैं। जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में ठंड से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। विशेष रूप से बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीमार लोगों को गर्म कपड़े पहनने और ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
भीषण ठंड के कारण शैक्षणिक व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। प्रशासन ने एहतियातन बुधवार तक आठवीं कक्षा तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का निर्देश जारी किया है, ताकि बच्चों को ठंड से सुरक्षित रखा जा सके। ठंड का असर स्थानीय बाजारों और ग्रामीण इलाकों में भी साफ दिखाई दे रहा है। चौक-चौराहों पर लोग अलाव सेंकते नजर आए।
ठंड में सावधानी बरतने की अपील
घने कोहरे के कारण सुबह के समय वाहन चालकों और राहगीरों को विजिबिलिटी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
कृषि विभाग ने किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। खेतों में फसलों को ठंड से बचाने के लिए जरूरी उपाय अपनाने और मवेशियों के लिए गर्म-सुरक्षित स्थान की व्यवस्था करने को कहा गया है।
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