गाजियाबाद। कड़ाके की सर्दी बढ़ने के साथ ही सांस और दमा के मरीजों पर इसका असर गंभीर रूप से दिखाई देने लगा है। बृहस्पतिवार को एमएमजी अस्पताल में अलग-अलग इलाकों से लाए गए सात मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इनमें बुजुर्गों के साथ एक चार वर्षीय बच्ची भी शामिल है।
छपरौला निवासी राजेश गुप्ता की चार वर्षीय बच्ची भावना को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। बच्ची को खून की भारी कमी थी। परिजन उसे समय रहते बचा नहीं सके और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराने उनके ताऊ मनोज गुप्ता साथ आए थे।
सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि गौशाला फाटक निवासी 65 वर्षीय हरपाल को सांस लेने में परेशानी होने पर उनका भतीजा चेतन एमएमजी अस्पताल लेकर पहुंचा था, लेकिन भर्ती प्रक्रिया के दौरान ही उनकी सांसें थम गईं। संजय नगर सेक्टर-23 निवासी 63 वर्षीय प्रेमशिला लंबे समय से दमा की बीमारी से पीड़ित थीं। उनके पति उन्हें अस्पताल लेकर आए थे, लेकिन भर्ती होने के दो घंटे बाद ही उनकी मौत हो गई। इसके अलावा मवई रोड, विजय नगर निवासी 55 वर्षीय संतोष देवी, साहिबाबाद से लाए गए 18 वर्षीय शंकर और माधोपुरा निवासी 44 वर्षीय चंचल की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में सांस और हृदय रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह-शाम ठंडी हवा से बचें, दवाइयों में लापरवाही न करें और तकलीफ बढ़ने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें। लगातार बढ़ रहे मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
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