सीहोर जिले के शाहगंज थाना क्षेत्र में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में अदालत ने आरोपी शादाब खान (19) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश स्मृता सिंह ठाकुर की अदालत ने पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में आरोपी को कुल आजीवन व 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 3 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
मामला उस समय सामने आया जब पीड़िता की मां मजदूरी से घर लौटी और बेटी लापता मिली। पड़ोसियों ने बताया कि एक युवक उसे बाइक पर ले गया है। देर रात तक लड़की के नहीं लौटने पर मां ने गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़िता की आरोपी शादाब से पहले से पहचान थी। शादी का झांसा देकर आरोपी ने पहले जंगल में दुष्कर्म किया था।
ये भी पढ़ें- रिश्वत लेते धराया जनजाति कार्य विभाग का लेखपाल, विभागीय जांच खत्म कराने के नाम पर मांगी थी घूस
गुजरात ले जाकर छिपाने की कोशिश
11 अक्टूबर 2024 को आरोपी पीड़िता को बहला-फुसलाकर इटारसी ले गया और वहां से गुजरात पहुंचा। कुछ दिनों बाद लड़की अपनी मां को याद कर रोने लगी, जिसके बाद आरोपी उसे बुधनी लेकर लौटा। इसी दौरान 14 अक्टूबर को पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया।
मजबूत साक्ष्यों ने दिलाई सजा
पुलिस की जांच में पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों से आरोप पुख्ता हो गए। सहायक जिला अभियोजन अधिकारी रेखा यादव ने अदालत में तर्क रखे। अदालत ने अपराध को नाबालिग की अस्मिता पर अत्यंत गंभीर आघात मानते हुए आरोपी को कठोरतम दंड सुनाया।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.