पश्चिम चंपारण में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे के कारण जिला प्रशासन ने तीसरी बार शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
जिलाधिकारी तरणजोत सिंह ने जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा कोचिंग संस्थानों को 3 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया है।
बढ़ती ठंड के प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए लिया फैसला
यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य पर बढ़ती ठंड के प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए लिया गया है। जारी आदेश के अनुसार, 3 जनवरी तक शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित रहेंगी।
इसके बाद, 4 जनवरी को रविवार होने के कारण स्कूल 5 जनवरी से खुलेंगे। प्रशासन ने बताया कि शीतलहर और अत्यधिक कम तापमान से विशेष रूप से छोटे बच्चों और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
आंगनबाड़ी केंद्रों एवं कोचिंग संस्थानों में कक्षा संचालन पूरी तरह बंद
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों एवं कोचिंग संस्थानों में कक्षा संचालन और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी। हालांकि, स्कूलों में प्रशासनिक कार्यों और आवश्यक कार्यालयीन कार्यों के लिए अलग से दिशा-निर्देश लागू रहेंगे।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह तीसरी बार है जब ठंड के कारण शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक बढ़ाई गई है। इससे पहले भी दो बार स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया जा चुका है।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है, जिसके चलते प्रशासन को यह एहतियाती कदम उठाना पड़ा।
शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रबंधन को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही, अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें और ठंड से बचाव के पर्याप्त उपाय करें।
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