महुआ के पेड़ के नीचे शुरू हुआ विवाद, खूनी संघर्ष में बदला
घटना 26 दिसंबर 2025 की रात लगभग 10 बजे की है। फरियादी प्रहलाद सिंह उर्फ शंखू अपने चाचा द्वारिका प्रसाद पटेल के साथ अपने खेत में महुआ के पेड़ के पास आग ताप रहे थे। इसी दौरान गांव का रहने वाला पंकज सिंह वहां पहुंचा और द्वारिका प्रसाद से गाली-गलौज करते हुए विवाद करने लगा। विवाद इतना बढ़ गया कि पंकज सिंह ने फोन कर अपने भाइयों और साथियों को मौके पर बुला लिया।
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लाठी-डंडे, रॉड और कुल्हाड़ी से हमला
घटना के कुछ ही देर में आरोपियों का समूह लाठी, रॉड, हथौड़ा और कुल्हाड़ी लेकर मौके पर पहुंचा। सभी ने मिलकर द्वारिका प्रसाद पटेल पर जानलेवा हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए बीरेन्द्र, नत्थू सिंह और राहुल सिंह के साथ भी आरोपियों ने बेरहमी से मारपीट की हमले में द्वारिका प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल सतना ले जाया गया।
इलाज के दौरान मौत, हत्या में बदला मामला
जिला अस्पताल में इलाज के दौरान द्वारिका प्रसाद पटेल की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को हत्या में तब्दील करते हुए विवेचना शुरू की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 296, 115(2), 118(1), 103(1), 191(2), 191(3), 190 के तहत अपराध दर्ज किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने दबिश देकर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार जब्त किए गए।
गिरफ्तार आरोपी
खुशीराम सिंह (60 वर्ष), कुशमेन्द्र सिंह उर्फ मुडिया (46 वर्ष), लवकुश सिंह उर्फ हरिया (26 वर्ष), अनिल सिंह (20 वर्ष), कुंजीलाल सिंह (46 वर्ष), रामदुलारे सिंह (49 वर्ष), संदीप सिंह (19 वर्ष) सभी निवासी ग्राम अटरा, हर्षित सिंह (20 वर्ष) निवासी डुडहा, थाना नागौद। वहीं तीन आरोपी पंकज सिंह, अंकित सिंह और अमित सिंह फरार हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
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