लॉकडाउन के बाद बच्चों के लिए मिशन
नौकरी छूटने के बाद खालिदा ने हार मानने के बजाय अपने जुनून को नई दिशा दी. लॉकडाउन के बाद उन्होंने बच्चों को एआई, रोबोटिक्स और आधुनिक टेक्नोलॉजी सिखाने का फैसला किया. कम लागत में बच्चे कैसे आधुनिक मॉडल बना सकते हैं, यह समझाने के लिए उन्होंने कई फ्री कैंप आयोजित किए. साल 2020 में उनकी शादी हुई और 2023 में बेटी का जन्म हुआ लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने अपने सपने को जिंदा रखा.
वेस्ट मटेरियल से इनोवेशन
खालिदा अब तक 50 से 100 के बीच मॉडल तैयार कर चुकी हैं. इनमें कई ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जो घर में पड़े अनयूज्ड सामान से बनाए गए हैं, जैसे- वेस्ट पाइप से तैयार की गई ब्लाइंड स्टिक, जो आईआर सेंसर और बजर की मदद से सामने आने वाली रुकावट का संकेत देती है. इसी तरह उन्होंने खेती के लिए एक लो कॉस्ट ड्रोन भी बनाया है, जो पेस्टिसाइड छिड़कने में उपयोगी है. जहां बड़ी कंपनियां ऐसे प्रोजेक्ट 10 हजार रुपये में बनाती हैं, वहीं खालिदा उसी मॉडल को करीब एक हजार रुपये में तैयार कर देती हैं.
रोबोटिक्स का हब बना संस्थान
लाइन फॉलोअर रोबोट, सोलर कार, स्मार्ट डस्टबिन, होम ऑटोमेशन, सेल्फ पीसीबी डिजाइनिंग और कई सेंसर आधारित प्रोजेक्ट्स उनके काम का हिस्सा हैं. 2016 से वह बच्चों को सिखा रही हैं और अब तक 500 से ज्यादा बच्चों को फ्री सेमिनार के जरिए ट्रेनिंग दे चुकी हैं. आज उनका ईजीट्रोनिक नामक इंस्टीट्यूट छोटे बच्चों के लिए रोबोटिक्स का एक मजबूत हब बन चुका है, जहां से भविष्य के इनोवेटर्स निकल रहे हैं.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.