One Crop Many Benefits: बिहार की तरफ जमकर उगने वाली यह फसल फायदों का भंडार है. पहले इसके पत्ते साग के रूप में बिकते हैं, फिर तेल निकलता है और अंत में तने से ईंधन बनता है. और तो और इसे बोने से मिट्टी भी उपजाऊ होती है, इसलिए किसान इस फसल को खासा पसंद करते हैं.
डबल इनकम का जरिया
सरसों की फसल में दोहरी आमदनी होती है. बुवाई के 30 दिन बाद इसका साग मार्केट में बिकने लगता है, जोकि इस बार ₹50 तक के दाम पर बिका है. ये तो हुई पत्तों की आमदनी जोकि अच्छी-खासी होती है, वहीं फल की आमदनी की बात करें, तो जब सरसों की फसल तैयार हो जाती है और इसकी हार्वेस्टिंग की जाती है, तब इससे तेल भी निकलता है. एक तो शुद्ध तेल घर के खुद के खाने के लिए मिल जाता है और जब इसे बेचा जाता है, तो इसके दाम ₹200 से ऊपर प्रति लीटर तक मिलते हैं.
साग से भी इनकम, तेल से भी
महिला किसान बताती हैं कि सरसों की फसल में दोहरी आमदनी होती है. हम लोग तो खुद साग खाने के लिए रख लेते हैं, लेकिन हमारे आसपास कई लोग ऐसे हैं जो अच्छे पैमाने पर इसकी बिक्री करने मार्केट चले जाते हैं. यानी साग भी बिक जाता है और हार्वेस्टिंग के बाद तेल से भी आमदनी होती है.
तने का भी इस्तेमाल
सरसों की फसल को पैदा करने में ज्यादा परेशानी नहीं होती है. यह फसल कम समय में तैयार हो जाती है और इसकी देखभाल भी आसान होती है. इसलिए अगर आप कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो सरसों की फसल आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकती है.
सरसों की फसल के दूसरे लाभ भी हैं. यह फसल मिट्टी की गुणवत्ता को भी सुधारती है और इसकी खेती से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है. इसके अलावा, सरसों की फसल के अवशेषों का भी उपयोग किया जा सकता है. जैसे इसके पत्तों को सब्जी के रूप में और इसके तनों को ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
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