Tajpur-Bakhtiyarpur Four Lane Ground Report: राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन का निरीक्षण किया. ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार 90% काम पूरा हो चुका है. उत्तर-दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला यह महासेतु अब अंतिम चरण में है. जानें कब से शुरू होगा वाहनों का आवागमन.
गंगा नदी पर पिलर का काम लगभग पूरा, पुल आकार लेने लगा
जब टीम ने गंगा नदी के किनारे निर्माण कार्य का जायजा लिया तो पता चला कि पुल के लिए बनाए जा रहे अधिकांश पिलर का काम लगभग पूरा हो चुका है. यह पुल बिहार के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है, क्योंकि इसके बनने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित होगा. वर्ष 2011 में मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने इस परियोजना की आधारशिला रखी थी. अब करीब डेढ़ दशक बाद यह प्रोजेक्ट अपने अंतिम मुकाम की ओर बढ़ रहा है. निर्माण स्थल पर काम कर रहे इंजीनियरों और मजदूरों के अनुसार पुल और पहुंच पथ का अधिकांश ढांचा तैयार हो चुका है. हालांकि नंदिनी लगूनिया रेलवे स्टेशन के ऊपर बनने वाला फुट ओवरब्रिज अभी अधूरा है, लेकिन उस पर भी तेजी से काम जारी है. जैसे ही यह कार्य पूरा होगा, वैसे ही बख्तियारपुर से ताजपुर के बीच वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकेगी.
51 किलोमीटर लंबा पुल, उत्तर-दक्षिण बिहार की दूरी होगी कम
बख्तियारपुर-ताजपुर फोर लेन पुल और पहुंच पथ की कुल लंबाई लगभग 51.26 किलोमीटर है. इसमें गंगा नदी पर बनने वाले मुख्य पुल की लंबाई लगभग 5.51 किलोमीटर है, जबकि 45.75 किलोमीटर लंबा पहुंच पथ बनाया जा रहा है. यह परियोजना पटना जिले के करजान (बख्तियारपुर) के पास एनएच-31 से शुरू होकर समस्तीपुर जिले के ताजपुर में एनएच-28 से जुड़ेगी. इस पुल के बनने से समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और बेगूसराय की ओर से आने-जाने वाली गाड़ियों को एक नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा. इतना ही नहीं, इससे महात्मा गांधी सेतु और राजेंद्र सेतु पर पड़ने वाला ट्रैफिक दबाव भी काफी हद तक कम होगा. स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी इन पुलों पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है. लेकिन नए पुल के शुरू होने के बाद यातायात काफी सुगम हो जाएगा. लोगों का समय भी बचेगा.
शिक्षा, पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बड़ा फायदा
इस परियोजना के पूरा होने से केवल आवागमन ही आसान नहीं होगा, बल्कि शिक्षा, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है. पुल बनने के बाद कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और प्रमुख चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा. इसके अलावा बख्तियारपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के पास रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का भी निर्माण किया जा रहा है. जिससे एनएच-30 और एसएच-106 आपस में जुड़ जाएंगे. इससे पुराने और नए दोनों मार्गों से बख्तियारपुर तक सीधी कनेक्टिविटी मिल सकेगी. विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल समस्तीपुर और बेगूसराय बल्कि पूरे उत्तर बिहार के विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है. जैसे ही यह पुल पूरी तरह तैयार होगा. वैसे ही लोगों के आवागमन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की संभावना है.
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