Saharsa Modern Park: सहरसा के अभियंता चौक से डीआईजी चौक के बीच 3 करोड़ की लागत से बन रहा भव्य और आधुनिक पार्क सहरसा की सूरत बदलने को तैयार है. आंध्र प्रदेश और पुणे से मंगाए गए दुर्लभ पौधों और मिथिला कला की नक्काशी से सज रहे इस पार्क को 11 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य है. जानें बच्चों के प्ले-ज़ोन से लेकर बुजुर्गों के वॉकिंग पाथवे तक, क्या-क्या होंगी खास सुविधाएं.
लोकेशन और भव्यता, 900 फीट की लंबाई में फैला सुकून
नगर विकास की दिशा में उठाए गए इस महत्वपूर्ण कदम के तहत यह पार्क शहर के हृदय स्थल अभियंता चौक से डीआईजी चौक के बीच विकसित किया जा रहा है. लगभग 900 फीट लंबाई और 800 फीट चौड़ाई के विशाल क्षेत्र में बन रहे इस पार्क पर करीब 3 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इसका डिजाइन आधुनिक शहरी वास्तुकला और स्थानीय जड़ों का एक अद्भुत मिश्रण होगा.
आंध्र प्रदेश और पुणे से आएंगे खास पौधे
पार्क की सबसे बड़ी विशेषता यहां की हरियाली होगी. सहरसा नगर निगम ने पार्क को साल भर हरा-भरा और रंगीन बनाए रखने के लिए विशेष योजना बनाई है. इसके लिए सजावटी, छायादार और दुर्लभ फूलों वाली प्रजातियों के पौधे विशेष रूप से आंध्र प्रदेश और पुणे से मंगाए जा रहे हैं. ये पौधे न केवल वातावरण को शुद्ध करेंगे बल्कि पार्क के लैंडस्केपिंग को एक अंतरराष्ट्रीय लुक भी देंगे.
मिथिला कला और आधुनिक सुविधाओं का संगम
सहरसा की सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने के लिए पार्क की दीवारों पर मिथिला पेंटिंग (मधुबनी कला) की भव्य झलक देखने को मिलेगी. पार्क के भीतर सुविधाओं का खास ख्याल रखा गया है. सुबह और शाम टहलने वालों के लिए चौड़े और सुरक्षित वॉकिंग पाथवे बनाए जा रहे हैं. बच्चों के मनोरंजन के लिए अलग से प्ले जोन तैयार होगा. जिसमें आधुनिक झूले और स्लाइड्स लगाई जाएंगी. बुजुर्गों और परिवारों के लिए जगह-जगह आरामदायक बेंच और विश्राम स्थल विकसित किए जा रहे हैं. मखमली घास के मैदान और आकर्षक फूलों की क्यारियां इसे एक जीवंत पर्यटन स्थल बनाएंगी.
नगर आयुक्त का बयान, 11 मार्च तक लक्ष्य
परियोजना की प्रगति पर जानकारी देते हुए सहरसा नगर निगम के नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने बताया कि निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है. वर्तमान में जेसीबी मशीनों द्वारा भूमि समतलीकरण और मिट्टी भराई का काम किया जा रहा है. उन्होंने विश्वास दिलाया कि 11 मार्च 2026 तक पार्क का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि होली के आसपास शहरवासी इस नई सुविधा का आनंद ले सकें.
शहरी छवि को मिलेगा नया आयाम
यह पार्क बनने के बाद सहरसा की छवि पूरी तरह बदल जाएगी. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सार्वजनिक स्थल न केवल सामाजिक मेल-मिलाप बढ़ाते हैं, बल्कि नागरिकों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी स्ट्रेस बस्टर का काम करते हैं. आने वाले समय में यह स्थान सामुदायिक गतिविधियों और छोटे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी प्रमुख केंद्र बनेगा. जब इस पार्क की हरियाली, कलात्मक दीवारें और आधुनिक लैंडस्केपिंग पूरी तरह निखर कर सामने आएगी. तो निश्चित रूप से यह सहरसा के गौरव का प्रतीक होगा.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
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