बनगांव के रहने वाले और स्टेट बैंक के अधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि हाल के ही कुछ सालों में यह देखा जा रहा है कि गांव के युवा अपने लक्ष्य को छोटा करते जा रहे हैं धैर्य की कमी है चुकी यह बनगांव ब्राह्मणों की बस्ती है और इस गांव में ज्यादातर जनरल कैटेगरी के बच्चे हैं इसके अलावा आरक्षण के प्रभाव के कारण यहां बच्चे यूपीएससी एग्जाम में इंटरेस्ट नहीं है
पहला और बड़ा सवाल तो यही है कि आखिर इस गांव के युवा यूपीएससी की तैयारी से पीछे क्यों हट रहे हैं. यह जानने के लिए लोकल 18 की टीम ने गांव के अलग-अलग लोगों से बातचीत की और यह समझने का प्रयास किया कि आखिर क्यों यहां के युवा यूपीएससी और बीएसएससी जैसे एग्जाम से दूर हो रहे हैं.
बनगांव के रहने वाले और स्टेट बैंक के अधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि हाल के कुछ सालों में यह देखा जा रहा है कि गांव के युवा अपने लक्ष्य को छोटा करते जा रहे हैं. धैर्य की कमी है. चूंकी यह बनगांव ब्राह्मणों की बस्ती है और इस गांव में ज्यादातर जनरल कैटेगरी के बच्चे हैं. इसके अलावा आरक्षण के प्रभाव के कारण यहां के बच्चे अब यूपीएससी जैसे कठिन परीक्षाओं की तैयारी से हट चुके हैं. यहां के युवा अपना लक्ष्य किसी बैंक या किसी प्राइवेट कंपनियां की तरफ दे रहे हैं.
सहरसा के आर एम कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य अरुण कुमार खा जिनका एक पुत्र आईएस है वह कहते हैं कि हाल के कुछ सालों से एक भी बच्चे यहां से यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल नहीं कर पा रहे हैं. रिजल्ट जारी होता है लेकिन, गांव के एक भी युवक का नाम उस लिस्ट में नहीं होता है. इसकी एक बड़ी वजह उन्होंने आरक्षण को बताया. उन्होंने कहा कि सीट कम होती हैं इस वजह से गांव के युवा रिस्क लेना नहीं चाहते हैं. वे जल्दबाजी में नौकरी लेना चाह रहे हैं. इस वजह से यूपीएससी की तैयारी के लिए यहां के युवा पीछे हट रहे हैं. शैक्षणिक वातावरण भी उस तरह का नहीं मिल पाता क्योंकि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी के लिए धैर्य रखना पड़ता है जो अभी के दौर में यहां के युवाओं में नहीं दिखता है.
About the Author
जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.