ग्राउंड रिपोर्ट : शिक्षा विभाग की नाकामियों का दंश झेल रहे दुर्गम क्षेत्र रूपी के विद्यार्थी
.रूपी स्कूल में शिक्षकों और भवन के अभाव में परेशानी झेल रहे छात्र-छात्राएं
. प्रधानाचार्य सहित संस्कृत, भाषा अध्यापक और गणित प्रवक्ता के पद खाली
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)। स्कूल का दर्जा तो बढ़ा दिया, लेकिन न नया भवन बना और न ही शिक्षकों के खाली पद भरे। स्कूल में कक्षाओं के लिए पर्याप्त कमरे न होने के कारण कुछ कक्षाओं के बच्चे बरामदे में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यह हाल है किन्नौर के दुर्गम क्षेत्र रूपी के वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला का। यहां शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थी सरकार और शिक्षा विभाग की अनदेखी का शिकार हो रहे हैं। शिक्षकों के रिक्त पद और सुविधाओं के अभाव में विद्यार्थी दूसरे स्कूलों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि गरीब तबके के विद्यार्थी कहां जाएं। ग्रामीणों ने सरकार और शिक्षा विभाग से विद्यार्थियों को शिक्षा की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग उठाई है। दुर्गम पंचायत रूपी में सरकार और शिक्षा विभाग के बेहतर शिक्षा देने के दावे हवा हो रहे हैं। विभाग की अनदेखी दुर्गम क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। स्कूल में प्रधानाचार्य का पद 2016, संस्कृत प्रवक्ता 2014, भाषा अध्यापक 2021 और गणित प्रवक्ता का पद अप्रैल 2025 से पद रिक्त पड़ा है। वरिष्ठ सहायक का पद 2006, अधीक्षक ग्रेड-2 का 2006, क्लर्क का मई और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद अगस्त से रिक्त चल रहा है। वर्तमान में स्कूल में छठी से लेकर बारहवीं कक्षा तक करीब 43 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शिक्षकों के रिक्त पदों के कारण अभिभावक अपने बच्चों को रामपुर, शिमला और चंडीगढ़ के स्कूलों में भेज रहे हैं।
अभिभावकों की मांग, शिक्षकों की हो तैनाती
रूपी पंचायत के उपप्रधान मुकेश नेगी, अभिभावक संजीव कुमार नेगी, हिम्मत सिंह नेगी, रवि चंद नेगी, संजय दुध्यान, अजय कुमार नेगी, पुरुषोतम नेगी, किशोर नेगी, रोहिल नेगी, वीरेंद्र नेगी, सतीश नेगी हरीश नेगी ने कहा कि स्कूल में शिक्षक न होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बेहतर शिक्षा न मिलने से उन्हें अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से शिक्षकों की तैनाती करने की मांग उठाई है।
2006 में अपग्रेड हुआ स्कूल, भवन की सुविधा से बच्चे वंचित
रूपी के पूर्व प्रधान रघुदास नेगी ने कहा कि दुर्गम पंचायत रूपी में शिक्षकों के कई पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में बच्चे दूसरे स्कूलों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। स्कूल को साल 2006 में अपग्रेड किया गया था। उसके बाद आज दिन तक स्कूल का भवन न होने के कारण बच्चे बरामदे में बैठने को मजबूर हैं।
रूपी स्कूल में रिक्त पड़े शिक्षकों के पदों को लेकर विभाग के अधिकारियों और सरकार से पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही शिक्षकों की तैनाती होगी। –अरुण गौतम, उपनिदेशक किन्नौर