संवाददाता भास्कर| पवई मध्यप्रदेश शासन ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर, वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए 25 फीसदी सीटों पर निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की है। योजना का मकसद गरीब परिवारों के बच्चों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। जमीनी स्तर पर जानकारी की कमी के कारण कई पात्र परिवार इस मौके से दूर रह जाते हैं। शिक्षा विभाग ने नए शैक्षणिक सत्र के लिए आरटीई के तहत ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया 13 मार्च से शुरू कर दी है। आवेदन 28 मार्च तक भरे जा सकेंगे। इसके बाद भी कई ग्रामीण इलाकों और शहरी गरीब बस्तियों में रहने वाले अभिभावकों तक प्रक्रिया की जानकारी नहीं पहुंच सकी है। आशंका है कि जानकारी के अभाव में बड़ी संख्या में पात्र बच्चे निजी स्कूलों में प्रवेश से वंचित रह सकते हैं। नगर के अलग-अलग वार्डों में रहने वाली महिलाओं ने बताया कि शासन की कई योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती। कुछ महिलाओं ने कहा कि उनके बच्चे वर्षों से निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। हर साल फीस जमा करनी पड़ती है। आरटीई में नि:शुल्क शिक्षा का प्रावधान है, यह बात उन्हें अब तक पता नहीं थी।
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