जानकारी के अनुसार, पीके मिश्रा रात में करीब 10 बजे ड्यूटी के बाद मिनट के लिए सीसीटीवी कंट्रोल रूम में बैठे थे। उसी दौरान सहकर्मी कुमार सिंह लदेर वहां पहुंचा। मालखाने की चाबी उसके पास थी, जिससे उसने मालखाने की पिस्टल निकाली। एक अन्य कर्मचारी के जाने के बाद आरोपी ने दरवाजा खिसकाकर मिश्रा पर चार गोली चला दी। गोली उनके सिर और कान के पास लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
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मृतक के छोटे भाई रामकिशोर मिश्रा के अनुसार, पीके मिश्रा पिछले पांच साल से रायगढ़ में पदस्थ थे। दोनों सहकर्मी आपस में पहले अच्छे दोस्त थे, पर बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान किसी बात को लेकर बहस हुई थी, जिसके बाद यह घटना हुई।
शव को पोस्टमार्टम के बाद रायगढ़ से रीवा लाया गया, जहां परिजनों और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में पीके मिश्रा का दाह संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। पुलिस आरोपी प्रधान आरक्षक को हिरासत में लेकर मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
साथी जवान ने अपने दूसरे साथी पुलिसकर्मी को मारी गोली
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