रोहतास जिले के भदारा गांव के नन्हे वैज्ञानिक असद ने छठी कक्षा में एक स्मार्ट सेंसर गेजेट बनाया, जो दृष्टिबाधित लोगों के सामने आने वाली वस्तुओं का पता लगाकर ‘टी-टी’ आवाज़ से सतर्क करता है. यह आविष्कार रातों-रात अंधों की दुनिया में सुरक्षा और रोशनी लाने की क्षमता रखता है.
रोहतास जिले के भदारा गांव के आदर्श विद्यालय के बच्चों ने विज्ञान और तकनीक के माध्यम से अपनी सृजनशील सोच का अद्भुत परिचय दिया. विशेष रूप से तैयार किए गए स्मार्ट सेंसर चश्मे ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा. यह चश्मा दृष्टिबाधित व्यक्ति को उनके सामने आने वाली वस्तुओं से सतर्क करता है और उनके जीवन में सुरक्षा और स्वतंत्रता की नई किरण लाता है.

कक्षा 6 के छात्र असद अंशारी ने बताया कि उन्होंने ऐसा चश्मा बनाया है, जो सामने किसी भी वस्तु के आने पर ‘टी-टी’ की आवाज़ के माध्यम से पहनने वाले को सतर्क करता है. अंशी ने बताया कि उन्होंने पुराने चश्मे, एक सेंसर और 9 वोल्ट की बैटरी से इसे विकसित किया. इस क्रांतिकारी आविष्कार ने दिखा दिया कि सरल सामग्री और सोच से भी जीवन बदलने वाला नवाचार संभव है.

नन्हे वैज्ञानिकों ने दिखाया कि नवाचार में केवल तकनीकी कौशल ही नहीं बल्कि मानवीय संवेदना भी शामिल हो सकती है. बच्चों ने इस स्मार्ट सेंसर चश्मे को बनाने के लिए 9 वोल्ट की साधारण बैटरी, एक छोटा सेंसर और एक सामान्य चश्मे का इस्तेमाल किया. उन्हें इस आविष्कार का विचार तब आया जब वे अक्सर अपने आसपास दृष्टिहीन लोगों को सामने ठीक से न देख पाने के कारण कहीं टकराते या गिरते हुए देखते थे. उसी समस्या को महसूस करते हुए उन्होंने ऐसा चश्मा बनाने की सोची जो सेंसर के जरिए सामने आने वाली बाधा की जानकारी दे सके और दृष्टिबाधित लोगों को सुरक्षित चलने में मदद करे.
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बच्चों ने साधारण सामग्री और अपनी जिज्ञासा का उपयोग करके ऐसा उपकरण तैयार किया जो दृष्टिहीन लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है. 9 वोल्ट बैटरी, सेंसर और सामान्य चश्मे की मदद से तैयार यह स्मार्ट सेंसर चश्मा सामने आने वाली बाधा का संकेत देता है. उनके इस प्रयास ने यह साबित किया कि बड़े आविष्कार केवल बड़ी प्रयोगशालाओं में ही नहीं होते, बल्कि छोटे बच्चों की सोच और लगन से भी नई राहें निकल सकती हैं.

भदारा गांव के बच्चों ने यह दिखा दिया कि तकनीक केवल सुविधा का साधन नहीं, बल्कि जीवन में सुरक्षा और आत्मनिर्भरता लाने का माध्यम भी बन सकती है. साधारण उपकरणों से तैयार किया गया यह स्मार्ट सेंसर चश्मा उनके साहस, सृजनशीलता और संवेदनशीलता का प्रतीक है. बच्चों की यह सोच और प्रयास भविष्य में ऐसे कई नवाचारों की प्रेरणा बन सकते हैं, जो समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान ढूंढने में मदद करेंगे.
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