रोहतक के एमडीयू में VC प्रो. राजबीर सिंह के खिलाफ रोष प्रकट करते छात्र संगठन।
रोहतक में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के अंदर संयुक्त छात्र संघर्ष समिति के सदस्यों ने VC प्रो. राजबीर सिंह लोहान पर यूनिवर्सिटी का माहौल खराब करने का आरोप लगाया। समित के सदस्यों ने कहा कि छात्रों ओर शिक्षकों द्वारा यूनिवर्सिटी में भ्रष्टाचार के मुद्दो
नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेशाध्यक्ष सुधीर सहारन ने VC प्रो. राजबीर सिंह से सवाल करते हुए कहा कि एमडीयू में XEN जगदीश दहिया के कार्यालय से एक लाख रुपए तक के कितने टेंडर बगैर E-Tander के दिए गए, जिसमें कोई जांच नहीं ओर ना ही जांच कमेटी गठित की गई, मतलब VC का सीधा संरक्षण प्राप्त हे।
सुधीर सहारन ने कहा कि एमडीयू में गेट नंबर 4 के निर्माण कार्य ओर रोड निर्माण के लिए गिरवाई गई मिट्टी में भ्रष्टाचार पर कोई जांच नहीं हुई। ना ही जांच कमेटी गठित की गई, मतलब वीसी का सीधा संरक्षण मिला। शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार नई SOP का पालन नहीं किया जा रहा, जिसमें संवैधानिक प्रतिनिधित्व आरक्षण नीति का सीधा उल्लंघन है।
एमडीयू में सड़क पर बैठकर विरोध प्रकट करते छात्र संगठन।
करोड़ों रुपए के पेड़ों का चहेतों को दिया टेंडर
सुधीर सहारन ने कहा कि गर्ल्स हॉस्टल के पीछे लगभग 15-16 हजार पेड़, जो करोड़ों रुपए की कीमत के थे, उसका E Tander के माध्यम से टेंडर क्यों नहीं किया गया। अपने परिवार के लोगों को सीधा करोड़ों का लाभ पहुंचाया गया। वीसी निवास स्थान के सौंदर्यीकरण पर लाखों रुपए किस मद से खर्च किए गए, जांच क्यों नहीं की।
गमला फैक्ट्री की जांच क्यों नहीं करवाई
सुधीर सहारन ने कहा कि फैकल्टी हाऊस की रसोई नवीनीकरण पर आए करोड़ों रुपए के खर्च की जांच क्यों नहीं करवाई जा रही। VC निवास पर गमला फैक्ट्री के संचालन और गमलों के दोहन की उच्च स्तरीय जांच क्यों नहीं करवाई गई। इन सभी मामलों में वीसी का सीधा संरक्षण मिला हुआ है।
छात्रों की आवाज दबाने का किया जा रहा प्रयास
डा अंबेडकर मिशनरीज विधार्थी एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष विक्रम सिंह डुमोलिया ने कहा कि शिक्षक व छात्रों द्वारा भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाने के बाद एमडीयू प्रशासन जांच करने की बजाय एंट्री पर बैन लगा रहा है। छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में संवैधानिक प्रतिनिधित्व आरक्षण नीति का पालन सरकारी दिशा निर्देश के अनुसार रोस्टर रजिस्टर को ध्यान में रखकर लागू की गई (SOP) स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम की अनदेखी करके 3 जनवरी को साक्षात्कार हरियाणा भवन दिल्ली में रखा गया। अनुसूचित जाति वर्ग से एक भी डायरेक्ट प्रोफेसर, रीडर, एसोसिएट प्रोफेसर नियुक्त नहीं किया गया, जो आरक्षित वर्ग के अधिकारों की अनदेखी है।
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