पंजीकरण और लाइसेंसिंग प्राधिकरण (आरएलए) सोलन में हुए फर्जीवाड़े में अब अन्य क्लर्क भी संदेह के घेरे में हैं। जिस क्लर्क की लॉगइन आईडी से यह फर्जीवाड़ा हुआ है, उससे एसडीएम ने जवाब तलब किया था। वहीं क्लर्क ने अपना जवाब भेज दिया है। क्लर्क ने बताया कि उसने 24 नवंबर 2025 को ही लाइसेंस ब्रांच में ज्वाइन किया था। उसे हेड क्लर्क बनाया गया था। वहीं 6 दिसंबर को उसे पहले मौजूद क्लर्क ने चार्ज दिया था। हालांकि, फर्जीवाड़ा उसी मौजूद क्लर्क की फर्जी आईडी से ही हुआ है। बावजूद इसके अब तत्कालीन क्लर्क भी संदेह के घेरे में आ गया है।
उधर, पुलिस ने मामले में पूछताछ शुरू कर दी है। संबंधित क्लर्क से पुलिस पूछताछ कर चुकी है। वहीं अब स्टाफ के अन्य सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है। इसमें संबंधित क्लर्क की 25, 28 और 29 नवंबर समेत 5 व 6 दिसंबर की कॉल डिटेल भी निकालपर पुलिस को सौंपी गई है। इसमें क्लर्क ने किस-किस से बात की है, उसका भी पता चलेगा। वहीं पुलिस को सौंपी गई शिकायत में एसडीएम ने यह भी बताया कि जब भी आईडी पर लॉगइन किया जाता है तो उसमें संबंधित क्लर्क को एक ओटीपी आता है। उसके बाद ही लॉगइन खुलता है। ऐसे में अब बिना क्लर्क के ओटीपी दिए यह लॉगइन कैसे खुला, इसकी भी जांच चल रही है। उधर, इस बारे में एसपी सोलन गौरव सिंह ने बताया कि शिकायत के अनुसार मामले में जांच जारी है। एसडीएम ने जो भी तथ्य दिए हैं, उसके आधार पर जांच जारी है।
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