Rishikesh News: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को ऋषिकेश के कई इलाकों में वन विभाग की जमीन नपाई की कार्रवाई शुरू होते ही हालात तनावपूर्ण हो गए. शिवाजी नगर समेत अन्य क्षेत्रों में स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और वन विभाग की टीम को रोक दिया. करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया कि किसी भी घर को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा और केवल खाली जमीन की जांच की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार 27 दिसंबर 2025 को ऋषिकेश के शिवाजी नगर, मीरा नगर, बापू ग्राम, मनसा देवी और गुमानीवाला में वन विभाग की टीम जमीन की नपाई के लिए पहुंची. यह कार्रवाई सरकारी वन भूमि से जुड़े पट्टों और खाली पड़ी जमीन की जांच के तहत की जा रही है. टीम के पहुंचते ही स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई.

शिवाजी नगर में स्थानीय लोगों ने वन विभाग की टीम को क्षेत्र में घुसने से रोक दिया. पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया. करीब तीन घंटे तक विरोध प्रदर्शन चला, लेकिन प्रदर्शनकारी मानने को तैयार नहीं हुए. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद ही वन विभाग की टीम पुलिस सुरक्षा में इलाके के भीतर प्रवेश कर सकी.

पुलिस प्रशासन और वन विभाग ने प्रदर्शनकारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए भरोसा दिलाया कि किसी भी घर को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि केवल खाली पड़ी जमीन की ही नपाई और चिन्हांकन किया जाएगा. लोगों से पैनिक न होने की अपील की गई और कहा गया कि यह कार्रवाई केवल जांच प्रक्रिया का हिस्सा है.
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स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पहले भी वन विभाग की टीम बापू ग्राम में भारी पुलिस बल के साथ पहुंची थी. वन विभाग के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने बापू ग्राम की लगभग 500 एकड़ जमीन पर मौजूद भूखंडों की नापजोख के निर्देश दिए हैं. हालांकि स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वे पिछले तीन पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं और इस स्थिति के लिए सरकार जिम्मेदार है.

वन विभाग की कार्रवाई से क्षेत्र में डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है. स्थानीय जनता का कहना है कि वे इस कार्रवाई का अहिंसावादी तरीके से विरोध करेंगे. हालात बिगड़ने पर ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि 22 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया था, जिसके बाद ही यह कार्रवाई शुरू की गई है. फिलहाल पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
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