उत्तराखंड का ऋषिकेश योग, आध्यात्म और शांति की नगरी के रूप में पहचाना जाता रहा है. गंगा तट पर बसा यह शहर लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आस्था और सुकून का केंद्र रहा है, लेकिन यहां बढ़ते अपराध ने चिंता बढ़ा दी है. लोकल 18 के साथ बात करते हुए स्थानीय निवासी राजेंद्र कहते हैं कि ऐसा माहौल पहले कभी नहीं देखा. स्थिति बदलती दिख रही है. बीते कुछ सालों में शहर के अलग-अलग इलाकों से आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं. क्या शहर की शांति अब खतरे में है, देखिए ये रिपोर्ट.
लोकल 18 के साथ बातचीत में ऋषिकेश के रहने वाले राजेंद्र ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में यहां ऐसा माहौल पहले कभी नहीं देखा. पहले लोग आपस में प्रेम और भाईचारे से रहते थे. मोहल्लों में अपनापन था और देर रात तक भी डर का माहौल नहीं होता था. लेकिन अब स्थिति बदलती दिख रही है. जितनी हिंसक घटनाएं और खून-खराबा पिछले कुछ सालों में देखने को मिला है, वैसा पहले कभी नहीं था.
शहर की पहचान को झटका
स्थानीय निवासी सोनू का कहना है कि ऋषिकेश को हमेशा सबसे सुरक्षित धार्मिक स्थल माना जाता था. लेकिन पिछले पांच सालों में माहौल काफी बदल गया है. गुटबाजी, झगड़े, मारपीट और हत्या जैसी घटनाओं ने शहर की छवि पर असर डाला है. तेजी से बढ़ता पर्यटन और शहरीकरण भी इस बदलाव की एक वजह माना जा रहा है. होटल, कैफे और एडवेंचर गतिविधियों के बढ़ने से बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ी है. इससे रोजगार के अवसर तो बढ़े हैं, लेकिन चोरी, मारपीट और अन्य घटनाएं भी बढ़ी है.अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो इसका असर पर्यटन और शहर की पहचान दोनों पर पड़ सकता है.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें
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