लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान स्थानीय निवासी राजिंद्र ने बताया कि उनका जन्म यहीं हुआ है और उन्होंने ऋषिकेश को बदलते देखा है. उनके अनुसार गर्मियों में जैसे ही पर्यटन सीजन शुरू होता है, शहर में जाम की समस्या चरम पर पहुंच जाती है. पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है.
शहर में कूड़े की समस्या विकराल रूप ले चुकी है
पर्यटन बढ़ने के साथ-साथ शहर पर दबाव भी तेजी से बढ़ा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कूड़े की समस्या विकराल रूप ले चुकी है. कई इलाकों में कूड़े के ढेर पहाड़ का रूप ले रहे हैं. बताया जा रहा है कि एक जगह पर करीब 52 फीट ऊंचा कूड़े का ढेर जमा हो चुका है. इससे आसपास के क्षेत्रों में बदबू, प्रदूषण और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है.
पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं
लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान स्थानीय निवासी राजिंद्र ने बताया कि उनका जन्म यहीं हुआ है और उन्होंने ऋषिकेश को बदलते देखा है. उनके अनुसार गर्मियों में जैसे ही पर्यटन सीजन शुरू होता है, शहर में जाम की समस्या चरम पर पहुंच जाती है. पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है. कई बार एंबुलेंस और स्कूल बसें भी जाम में फंस जाती हैं. इससे सबसे ज्यादा परेशानी स्थानीय लोगों को होती है, जिन्हें रोजमर्रा के काम के लिए बाहर निकलना पड़ता है.महिलाओं की सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. शहर में पर्यटकों के लिए कई नए प्रोजेक्ट तो दिखाई देते हैं, लेकिन महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं. इससे स्थानीय महिलाओं और पर्यटकों दोनों को असुविधा का सामना करना पड़ता है.
ठोस कदम उठाने होंगे
स्थानीय निवासी मोहन लाल का कहना है कि कुछ पर्यटक शराब पीकर सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासनहीन व्यवहार करते हैं. इससे स्थानीय लोगों को असुरक्षा और असहजता महसूस होती है. साथ ही, पर्यटन स्थलों के आसपास बढ़ती गंदगी शहर की छवि को नुकसान पहुंचा रही है. पर्यटन विकास के साथ-साथ ठोस कचरा प्रबंधन, ट्रैफिक कंट्रोल और पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर समान रूप से निवेश जरूरी है. अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो शहर की सुंदरता और आध्यात्मिक पहचान दोनों पर असर पड़ सकता है. स्मार्ट सिटी या टूरिस्ट सिटी का सपना तभी पूरा होगा जब स्थानीय नागरिकों की मूलभूत जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
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