सामान्य तौर पर एमपी के सीधी जिले में संजय नेशनल पार्क के आसपास के गांवों में ही हाथियों का मूवमेंट रहता है. इन हाथियों द्वारा उस क्षेत्र में फसलों के साथ ही लोगों को भी नुकसान पहुंचाने की घटनाएं होती रही हैं. कुछ दिन पहले ही सीधी के भोलगढ़, भितरी, कुआं, बडख़रा क्षेत्र में हाथीयों के झुंड देखे गए थे. इनकी ट्रैकिंग भी लगातार हो रही है. बांधवगढ़ से मझौली, चुरहट, मलकनपुर आदि क्षेत्रों की ओर से उकसा तक पहुंचने की जानकारी मिली है. उकसा गांव में हाथी के मूवमेंट पर डीएफओ लोकेश निरापुरे, वन विकास निगम के डीओ राकेश कोडापे, एसडीओ एचएल सिंह, रेंजर नयन तिवारी, वर्षा विसेन सहित अन्य शामिल रहे. अधिकारियों ने कहा है कि निगरानी आगे भी जारी रहेगी.
फसलों को नुकसान
जंगली हाथियों ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है. जिस क्षेत्र में उनका मूवमेंट है, वहां पर गेहूं, सरसों, अरहर, चना, मसूर आदि की फसलें हैं. इन्हें हाथियों ने कुछ जगहों पर नुकसान भी पहुंचाया है. किसान भी अपनी फसल बचाने के लिए खेतों के आसपास पहुंच रहे हैं, ऐसे में हाथियों के उग्र होने की आशंका है. वन विभाग का अमला नजदीक जाने से रोक रहा है. अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है.
नुकसानी का सर्वे करेगी टीम
प्रशासनिक अधिकारियों ने हाथियों के मूवमेंट के बाद कहा है कि जिस क्षेत्र में फसलों एवं अन्य नुकसान की सूचनाएं आई हैं, वहां पर राजस्व विभाग की टीमें सर्वे करेंगी. शासन के नियमों के अनुसार संबंधित किसानों को इसका मुआवजा भी वितरित कराया जाएगा.
क्षेत्र की बिजली सप्लाई रोकी
हाथियों के मूवमेंट की वजह से बिजली तारों से करंट फैलने का डर होता है. क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में कई जगह बिजली तार की ऊंचाई कम हो गई है. वह चलते समय हाथियों को छू सकते हैं. करंट की वजह से हादसा हो सकता है. इस आशंका को देखते हुए जिस क्षेत्र में हाथियों के पहुंचने की संभावना है, वहां की बिजली सप्लाई रोकी गई है. इस संबंध में शासन की ओर से पहले भी निर्देश जारी किया जा चुका है.
डीएफओ ने की ये अपील
डीएफओ रीवा लोकेश निरापुरे ने बताया, मऊगंज के हनुमना क्षेत्र में हाथियों का मूवमेंट ज्यादा देखा जा रहा है, उनकी निगरानी की जा रही है. इन्हें हम किसी तरह से डिस्टर्ब नहीं करना चाहते. कुछ जगहों पर फसलों को नुकसान हुआ है, उसका राजस्व विभाग सर्वे करेगा और नियमानुसार मुआवजा दिलवाने का प्रयास होगा. क्षेत्र में हमारी टीम तैनात है. लोगों से आग्रह है कि कोई आवाज न करें. हाथियों को देखकर पत्थर न मारें, किसी तरह की आगजनी न करें, हाथियों को भगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है.
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