क्षेत्र के गांव सुनाना में मंगलवार रात अनुसूचित जाति के युवक की बरात की चढ़त के दौरान हुए संघर्ष और पथराव में बृहस्पतिवार को दो और रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। ये दोनों रिपोर्ट विवाद में शामिल दोनों पक्षों की ओर से लिखी गई हैं। जिनमें 40 से ज्यादा नामजद आरोपी बनाए गए हैं। इस तरह इस मामले में अब तक चार रिपोर्ट दर्ज की गई हैं।
इस मामले में एक तहरीर अनुसूचित पक्ष के अनीश कुमार ने दी। जिसमें पुलिस को बताया है कि 24 फरवरी को उसकी बहन की शादी थी। बरात चढ़ते के समय गांव के ही ठाकुर समाज के गोपाल, विक्रम, गोविंद, कुनाल, कन्हैया, मुनेश, हरीश सहित बीस से अधिक लोगों ने बरात को रोक लिया। आरोप है कि सभी के हाथों में अवैध असलहा व डंडे थे। सभी ने बरातियों को पीटा व पथराव किया। वहीं दूसरे पक्ष से रिंकू शर्मा पुत्र मोहनलाल शर्मा ने तहरीर में बताया है कि बरात चढ़ते समय डीजे पर जाति विरोधी गाने बजाये जा रहे थे। जिसका विरोध गांव के प्रमुख लोगों ने किया। इस पर ग्राम प्रधान राजकुमार बघेल, जुम्मा, शिवम, रवेंद्र कुमार, मुकेश, कैलाशचंद्र, सोनू, राजेंद्र सहित करीब आठ लोग हमलावर हो गए। आरोप है कि सभी ने मिलकर घरों में ईंट पत्थर फेंके। इसमें पांच लोग घायल हो गए। इधर, पुलिस ने दोनों पक्षों पर व डीजे संचालक की ओर से भी दर्ज कराई गई रिपोर्ट में दो लोगों पर जबरन आपत्तिजनक गाना बजवाने और उसकी वजह से झगड़ा होने का आरोप लगाया है। मामल में सीओ सर्वम कुमार ने बताया है कि तहरीर के आधार पर दोनाें तरफ से रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लोगों को चिह्नित किया जाएगा। पुलिस टीम आरोपियों को तलाश रही है।
भीम आर्मी के सांसद ने जताया था विरोध
मामले में बुधवार को भीम आर्मी सांसद चंद्रशेखर ने कहा था कि यह हमला केवल एक परिवार पर नहीं, बल्कि पूरे अनुसूचित समाज की गरिमा और सांविधानिक अधिकारों पर हमला है। पीड़ित परिवार को सरकारी सुरक्षा और उचित मुआवजा व घायलों को समुचित इलाज दिया जाए। सुरक्षा की पूर्व मांग के बावजूद लापरवाही बरतने वाले संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो। कांग्रेस और सपा ने एक्स पर इस घटना की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
ये है पूरा मामला
ग्राम सुनाना में अनुसूचित जाति के पप्पन की पुत्री की बारात नगरिया थाना खैर से आई थी,मंगलवार रात चढ़त के दौरान बारात ठाकुर समाज के मोहल्ले में पहुंची तो डीजे पर आपत्तिजनक गाना बजा दिया गया। ठाकुर पक्ष के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और गाना बंद करने को कहा। गाना बंद नहीं कर पर दोनों समाज के लोग भिड़ गए और जमकर पथराव हुआ। बाद में पुलिस की कड़ी सुरक्षा में बरात को दुल्हन के घर तक पहुंचाया और शादी संपन्न कराई।
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