किन्नौर जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने के लिए विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) ने पहल शुरू कर दी है। अंधेरे के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए प्रशासन ने खराब लाइटों की मरम्मत का निर्णय लिया है। हॉस्पिटल मोड़, बाजार से हॉस्पिटल मोड़ तक का मार्ग, बस स्टैंड और पेट्रोल पंप सहित कई प्रमुख स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें ठप पड़ी हैं। साडा क्षेत्र में कुल 545 स्ट्रीट लाइटें स्थापित हैं, जिनमें से करीब 100 लंबे समय से खराब बताई जा रही हैं, जिससे रात के समय आवाजाही प्रभावित हो रही है।
सीएसआर से जुटाए जाएंगे फंड स्थिति को सुधारने के लिए साडा ने बजट प्रावधान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही विभिन्न बैंकों और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से अतिरिक्त संसाधन जुटाए जाएंगे, ताकि मरम्मत और नई लाइटों की स्थापना का कार्य शीघ्र पूरा हो सके। अब तक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और पंजाब नेशनल बैंक की ओर से स्ट्रीट लाइट व्यवस्था के लिए सहयोग दिया गया है। अन्य बैंकों से भी सहयोग प्राप्त करने के प्रयास जारी हैं, जिससे सभी खराब लाइटों को ठीक किया जा सके। नई लाइट्स भी लगेंगी एसडीएम कल्पा एवं साडा सचिव अमित कल्थाइक ने बताया कि बाईपास रोड और शुदारंग रोड जैसे क्षेत्रों में, जहां अभी स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं, वहां सीएसआर और बैंक सहयोग से सोलर स्ट्रीट लाइटें स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि साडा की जनरल हाउस बैठक में आवश्यक बजट स्वीकृत कर रिकांगपिओ में बंद पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों को जल्द दुरुस्त किया जाएगा।
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