जेपीएससी ने खाली पदों को भरने के लिए दो माह पहले शुरू की थी प्रक्रिया…अब तक पूरी नहीं रांची में उच्च शिक्षा व्यवस्था प्रभार पर है। पांच सरकारी यूनिवर्सिटी में से चार में कुलपति का पद खाली है। वहीं पांचों यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक
जबकि इन्हीं पर विश्वविद्यालयों की पूरी अकादमिक, वित्तीय और परीक्षा प्रणाली टिकी होती है। पद खाली रहने के कारण विश्वविद्यालय में नीतिगत फैसले नहीं लिए जा रहे हैं। परीक्षा तय है, लेकिन एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार नहीं हो रही है। शोधार्थियों की समस्याएं भी बढ़ रही है, पर सुनने वाला कोई नहीं है। झारखंड में ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा इसी हाल में चल रही है। हालांकि अधिकारियों की नियुक्ति के लिए झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) ने दो महीने पहले प्रक्रिया शुरू की है। लेकिन उसकी भी रफ्तार काफी धीमी है।
जानिए…किस यूनिवर्सिटी में कौन-कौन से पद खाली रांची यूनिवर्सिटी वीसी: प्रभार में चल रहा है प्रोवीसी: प्रभारी भी नहीं रजिस्ट्रार: प्रभार में फाइनेंस अफसर: प्रभार में परीक्षा नियंत्रक: प्रभार में नोट : फाइलें रुक-रुक कर आगे बढ़ रही हैं। विभागीय अनुमोदन, सेशन लेट, वित्तीय स्वीकृति और शोध कार्यों पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि वीसी: प्रभार में रजिस्ट्रार: प्रभार में फाइनेंस अफसर: प्रभार भी नहीं परीक्षा नियंत्रक: प्रभार में नोट : राजधानी का उभरता हुआ विश्वविद्यालय पूरी तरह ऑफिस इंचार्ज और प्रभार के सहारे चल रहा है। फाइलें निष्पादन की रफ्तार धीमी है। कई जरूरी काम अटके पड़े हैं।
झारखंड रक्षा शक्ति विवि वीसी: प्रभार में रजिस्ट्रार: प्रभार में फाइनेंस अफसर: प्रभार में परीक्षा नियंत्रक: प्रभार में नोट : यह विवि सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल है। प्रभार में संचालित होने के कारण अनुसंधान परियोजनाएं और नई शिक्षण योजनाएं लगातार प्रभावित हो रही हैं।
झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी वीसी: प्रभार में रजिस्ट्रार: प्रभार में फाइनेंस अफसर: प्रभार में परीक्षा नियंत्रक: प्रभार में नोट : फैकल्टी और कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति नहीं होने के कारण यूजी-पीजी (कुछ विषयों को छोड़कर) की पढ़ाई शुरू हो सकती है। यह विवि स्थापना के उद्देश्य से भटक गया है।
झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी वीसी: स्थायी, प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह रजिस्ट्रार: प्रभार में फाइनेंस अफसर: प्रभार में परीक्षा नियंत्रक: प्रभार में
नोट : तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस विवि की स्थापना हुई थी। वीसी समेत 92 पद सृजित किए गए थे। लेकिन परिनियम नहीं बनने के कारण वीसी को छोड़ अन्य 91 पद खाली है।
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