मिर्ची का दही मसाला का भरता बनाने के लिए सामग्री
भरवा वाली बड़ी हरी मिर्च
नमक
मीठा दही
भरावन मसाला बनाने के लिए.
जीरा, सरसों, तिल
बनाने की विधि
• सबसे पहले बाजार से बड़ी हरी मिर्च खरीदकर लाए और इसको अच्छे से पानी में धोकर कपड़े से सुखा लें, उसके बाद सभी मिर्ची को बीच लंबाई में आधा कट करते जाएं,ताकि उसमें मसाला भरते बन जाएं. मिर्ची के डंठल को नहीं निकालना है. उसके बाद सभी मिर्ची को 2 – 3 घंटे के लिए रख दें.
• अब मसाला तैयार करें इसके लिए एक कटोरे में दही डालें और इसे अच्छी तरह मिला लें, अब मिक्सर से जो भी खड़ी समान है उसे पीस लें और इसमें सौंफ पाउडर, सरसों पाउडर, लाल मिर्च, नमक और सरसों का तेल डालकर गाढ़ा मसाला तैयार करें. ध्यान रहे यह मिश्रण ना ज्यादा पतला हो, ना ज्यादा सूखा ऐसा बनाए कि मिर्च के अन्दर में आसानी से भरा जा सके.
• अब इस हरी मिर्च एक-एक करके कटे हुए जगह में यह दही का मसाला अच्छी तरह भरते जाए, अगर आपको मसाला ज्यादा लगाना है तो ऊपर से थोड़ा सा मसाला बाहर भी लगा सकते हैं ताकि सुखने पर मिर्च ज्यादा स्वादिष्ट लगे.
• अब सभी मिर्ची को मसाला भरी हुई हरी मिर्ची को बांस से पर्रा, या सूपा में फैला कर रखते जाए, उसके बाद इसको तेज धूप में सुखा दें. कम से कम 10 से 15 दिन तक लगातार तेज धूप में सुखाना है, अगर धूप कम है तो ओर ज्यादा दिन तक सूखा सकते है. ध्यान रहे रोज शाम को इन्हें घर के अंदर ढक कर रख लें ताकि रात में नमी न लगे, पूरी तरह सुखने के बाद मिर्ची हल्की कुरकुरी और मसालों में लिपटी दिखेंगी.
• अब अच्छी तरह सुख जाने के बाद इसे डिब्बे में भरकर सालों तक रख सकते है और जब भी खाना है तो तेल गर्म करें और इस मिर्ची को तलकर रख लें. इस तली हुई मिर्ची को आप 3-4 दिन तक डिब्बे में रख सकते है. ज्यादा दिन भी रख सकते हैं और यह खराब नहीं होती है लेकिन कुरकुरा नहीं रहती है. इसलिए इसे तलकर ज्यादा दिन तक नहीं रखते हैं.
• इस तली हुई मिर्ची को दाल-चावल, खिचड़ी, पूड़ी, पराठा किसी के साथ भी खा सकते हैं.
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