मोदी जी की बात आज भी कानों में गूंजती है
उन्होंने बताया कि ‘एक बार 2019 में मोदी जी खूंटी आए थे. उस समय मैं मोती की खेती करता था और उसका एक छोटा सा स्टॉल लगाया था. नेता अर्जुन मुंडा भी साथ में थे और वे यह स्टॉल दिखाने के लिए मोदी जी को लाए. उन्होंने देखा और बोले — वाह, क्या शानदार काम है.
बहुत बढ़िया काम है. ऐसे ही आगे बढ़ते रहो, खूब तरक्की करते रहो, एक दिन बहुत ऊंचाई छुओगे. यह सब उन्होंने पीठ पर हाथ रखकर कहा. तब मुझे लगा कि जब देश के प्रधानमंत्री को मुझ पर भरोसा है तो मैं बड़ा काम कर सकता हूं.’
6 महीने के थे तब पिता का साया उठा
वे आगे बताते हैं, ‘जब मैं 6 महीने का था तब पिताजी का देहांत हो गया. मैंने तो अपने पिताजी को देखा भी नहीं. ऐसे में मेरी मां और खासतौर पर मेरी बुआ, जिन्होंने मेरी परवरिश के लिए शादी तक नहीं की. उन सबने मुझे मिलकर बड़ा किया. कभी पैसों की दिक्कत नहीं होने दी. और फिर मैंने भी उनके संघर्ष को समझा और मन लगाकर पढ़ाई की और NIT जमशेदपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की.’
मोती की खेती का देते हैं प्रशिक्षण
रांची स्थित सेल सिटी प्रशिक्षण केंद्र में बुधन सिंह पूर्ति रोज 45 दिनों का प्रशिक्षण देते हैं. यहां प्रशिक्षु न सिर्फ मोती बनाने की तकनीक सीखते हैं, बल्कि इसे धंधे के रूप में कैसे सफल बनाया जाए, यह भी सीखते हैं. प्रशिक्षण में किसानों को सीप का चयन, खाना देना, पानी की सफाई, रोग नियंत्रण और अच्छे डिजाइन वाले मोती बनाने की तकनीक सिखाई जाती है.
कंपनी, ग्रीन टी से लेकर करी पत्ता तक बेचती है
बुधन बताते हैं, ‘हमारी कंपनी के द्वारा जो पारंपरिक साग होता है, जैसे हमारे यहां कुटाई साग होता है, उसे हम बेचते हैं. क्योंकि उसमें दवा से जुड़े गुण बहुत होते हैं. इसके अलावा करी पत्ता, रागी का हॉर्लिक्स, ग्रीन टी, हर्बल टी, मडुआ आटा – ये सारी चीजें हमारी कंपनी बनाती है और पैकिंग भी हम ही करते हैं. साथ ही इंडियामार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचते हैं. लोगों को पता लगता है तो वह निजी तौर पर भी हमसे थोक में लेते हैं.’
आज सालाना टर्नओवर 40 लाख पर
वे कहते हैं ‘मोती उत्पादन और अपनी कंपनी के प्रोडक्ट के जरिए आज हमारा साल का टर्नओवर 40 लाख तक पहुंच चुका है. एक समय 4000 रुपए के लिए सोचना पड़ता था. लेकिन आज इतने पैसे हैं तो समाज के भले के लिए भी खर्च करता हूं. गरीब लोगों की शादी और एनजीओ से जुड़े कई सामाजिक कामों में पैसे लगाने की कोशिश करता हूं. क्योंकि आप सिर्फ अपने लिए नहीं सोच सकते. अगर आज आप अच्छा पैसा कमा रहे हैं तो आपको अपने पूरे समाज को साथ लेकर चलना होगा.’
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