Ranchi Dhurwa Dam: रांची का धुर्वा डैम ना केवल प्राकृतिक सौंदर्य और टूरिस्ट हॉटस्पॉट के रूप में जाना जाता है बल्कि यह पूरे शहर को पानी सप्लाई भी करता है. इससे संबंधित सामान्य ज्ञान की बात करें तो बहुत कम लोग जानते होंगे कि इस डैम को इस देश के साथ मिलकर बनाया गया था.
इस देश की मदद से बना था
रांची के जाने-माने साहित्यकार मनोज बताते हैं कि धुर्वा डैम रूस की मदद से बनाया गया है. यह एचईसी को पानी तो देता ही है. साथ ही, आसपास के एरिया और रांची में लगभग हर दिन 94 लाख गैलन पानी सप्लाई करने का काम करता है. यह स्वर्णरेखा नदी के ऊपर बना हुआ है. यह एक 30 मीटर ऊंचा और 4,525 मीटर लंबा अर्थफिल (मिट्टी से बना) बांध है.
मछुआरे से लेकर रील बनाने के लिए आज है फेमस
साहित्यकार मनोज बताते हैं कि उस समय रांची की प्यास बुझाने और एचईसी को पानी सप्लाई करने के लिए कोई डैम नहीं था. ऐसे में समझौता हुआ और रूस की मदद से यह डैम खासतौर पर पानी की किल्लत को दूर करने के लिए बनाया गया था. लेकिन आज यह सिर्फ पानी की किल्लत को ही कम नहीं करता है. बल्कि, आज के लोगों के घूमने, रील बनाने और मछुआरों के लिए भी हॉटस्पॉट बन चुका है.
सुंदर नजारा, शूटिंग, कमाई
यहां पर आप आएंगे तो देखेंगे कि मछुआरे बड़ी-बड़ी मछलियां पकड़ रहे हैं. यहां पर कई बार 25-30 केजी की भी मछलियां पकड़ी गई हैं. ऐसे में दिनभर मछुआरे मछली पकड़ते हुए नजर आते हैं और बेचकर अच्छा-खासा कमाते हैं. इतना ही नहीं, यहां की लोकेशन इतनी सुंदर है कि यहां नागपुरी फिल्मों की शूटिंग भी होती है और लोग रील बनाने के लिए भी आते हैं. यहां से सनसेट का ऐसा मनोरम नजारा दिखता है कि ऐसा लगता है जैसे सूर्य भगवान पानी में डूब रहे हों.
आसपास के लोगों के नहाने का है स्पॉट
इतना ही नहीं, यहां पर अगर आप सुबह 10:00 बजे से पहले आ जाएं तो आप देखेंगे कि आसपास के घरों की कई महिलाएं अपने कपड़े लेकर यहां आती हैं. 15 से 20 कपड़े आराम से यहां बैठकर धोती हैं, गप्पें लगाती हैं और नहाकर चली जाती हैं. यानी कि यहां सिर्फ पानी की सप्लाई नहीं होती. बल्कि, यह आसपास के घरों की काफी बड़ी परेशानी भी दूर करता है. यही कारण है कि यह रांची की धरोहर के रूप में भी जाना जाता है.
About the Author
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.