शिमला जिले के रामपुर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीएम) की लोकल कमेटी ने अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी की केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर यह प्रदर्शन देश की संप्रभुता पर कथित हमले के विरोध में किया गया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए लोकल कमेटी सचिव कुलदीप सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अमेरिका अपनी साम्राज्यवादी नीतियों के तहत अन्य देशों पर आर्थिक और सैन्य दबाव बढ़ा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित व्यापार समझौते में भारत सरकार द्वारा अमेरिकी फलों, कपास, मेवों और सोयाबीन तेल जैसे कृषि उत्पादों पर शून्य टैरिफ की सहमति देश के किसानों के लिए हानिकारक साबित होगी।
सेब, कपास आजीविका होगी प्रभावित उनका कहना था कि इससे हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों के सेब, कपास तथा सोया उत्पादकों की आजीविका प्रभावित होगी। सीपीएम नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाने से भारतीय कृषि क्षेत्र में सब्सिडी और समर्थन व्यवस्था कमजोर होगी। समझौते पर हस्ताक्षर न करने का आग्रह इससे भारतीय किसान भारी सब्सिडी वाले अमेरिकी उत्पादों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। पार्टी ने केंद्र सरकार से इस समझौते का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही, किसानों और मजदूरों के हितों के विरुद्ध किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर न करने का आग्रह किया गया।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.