एंटी करप्शन ऑफ इंडिया, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष रामहरि गोप उर्फ पेरियार ने उपायुक्त, पश्चिम सिंहभूम को ज्ञापन सौंपकर सरकारी संपत्ति पर निजी कब्जा, छात्राओं के आवास का व्यावसायीकरण तथा कॉलेज की इमारत को निजी उपयोग में देने पर खड़ा आपत्ति दर्ज करते हुए सीधे-सीधे छात्रों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताया है।
उपायुक्त को सौंपे गए 6 सूत्री मांग पत्र में रामहरि ने कहा है कि एसटी-एससी छात्रावासों और कॉमर्स कॉलेज के नए भवन से 72 घंटे के भीतर सभी निजी कब्जों को हटाया जाए। कॉलेज की नई इमारत को तत्काल शिक्षण कार्य के िलए बहाल किया जाए। पूरे प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच गठित की जाए। जर्जर भवन की तकनीकी/सिविल सुरक्षा जांच कर उसे सुरक्षित बनाया जाए या अस्थायी रूप से बंद किया जाए। जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। भविष्य में सरकारी सम्पत्ति के दुरुपयोग को रोकने के िलए कठोर नीति और निगरानी तंत्र लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि एसटी-एससी छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों पर सीधा आघात एसटी एससी छात्राओं के लिए निर्मित छात्रावासों को निजी व्यक्तियों/संस्थाओं द्वारा स्किल डेवलपमेंट सेंटर के रूप में कब्जा कर लिया गया है। यह सरकारी धन, सार्वजनिक संपत्ति व छात्राओं की सुरक्षा तीनों के साथ खिलवाड़ है।
एंटी करप्शन ऑफ इंडिया ने इसे प्रशासनिक लापरवाही, मिलीभगत और गहरी पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का परिणाम बताया है। सरकारी छात्रावास को निजी व्यावसायिक केंद्र में बदल देना, शासन-प्रणाली की असफलता का उदाहरण है।
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