Ramadan 2026: रमज़ान का पाक महीना रहमत, बरकत और मग़फिरत का महीना माना जाता है. इस मुबारक महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोज़ा रखकर अल्लाह की इबादत में दिन-रात मशगूल रहते हैं. रमज़ान का हर दिन खास होता है, लेकिन आख़िरी दस दिन यानी तीसरा अशरा खास अहमियत रखता है. इन्हीं दिनों में एतकाफ किया जाता है, जो एक बेहद रूहानी और सवाब का अमल है.
एतकाफ का मतलब है मस्जिद में एकांतवास करके पूरी तरह अल्लाह की इबादत में लग जाना. आम तौर पर पुरुष रमज़ान के 20वें रोज़े के बाद, यानी 21वीं रात से मस्जिद के एक कोने में एतकाफ में बैठते हैं और ईद का चांद नजर आने तक वहीं रहते हैं. यह दस दिनों का अमल होता है. इस दौरान एतकाफ में बैठा शख्स 24 घंटे मस्जिद में ही रहता है और नमाज़, कुरआन की तिलावत, ज़िक्र और दुआ में अपना वक्त गुजारता है.
इस दौरान स्जिद से बाहर निकलने की इजाज़त नहीं होती
एतकाफ के दौरान बिना जरूरी कारण मस्जिद से बाहर निकलने की इजाज़त नहीं होती. दुनियावी कामों से दूरी बनाई जाती है और बेवजह बातचीत, यहां तक कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी नहीं किया जाता, ताकि इबादत में कोई खलल न पड़े. इसका मकसद यह है कि बंदा खुद को पूरी तरह अल्लाह की याद में समर्पित कर दे और अपने गुनाहों की माफी मांगे.
रमज़ान के आखिरी दस दिनों में शब-ए-कद्र की तलाश की जाती है
रमज़ान के आख़िरी दस दिनों में शब-ए-कद्र की तलाश भी की जाती है, जिसे हजार महीनों से बेहतर रात बताया गया है. माना जाता है कि सच्चे दिल से की गई इबादत और दुआएं कबूल होती हैं और अल्लाह अपने बंदों पर खास रहमत नाज़िल करता है. हदीसों में एतकाफ के बड़े फज़ाइल बयान किए गए हैं और इसे बहुत बड़ा सवाब वाला अमल बताया गया है. कुछ लोग मस्जिद में एतकाफ करते हैं, तो वहीं महिलाएं घर में एक निर्धारित स्थान पर एतकाफ कर सकती हैं. कुल मिलाकर एतकाफ आत्मशुद्धि, सब्र और अल्लाह से नज़दीकी हासिल करने का बेहतरीन जरिया है, जो इंसान की रूहानी ज़िंदगी को मजबूत बनाता है.
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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
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