राजस्थान विधानसभा में एक बिल पर बहस के दौरान गुरुवार को सभापति संदीप शर्मा और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। डोटासरा के सभापति के प्रति बर्ताव को लेकर सत्तापक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद कांग्रेस और बीजेपी के विधायक आमने-सामने आ गए। सदन में जमकर हंगामा और नारेबाजी हुई। कांग्रेस विधायक वेल में आ गए और नारे लगाने लगे। बढ़ते हंगामे के बीच सदन की कार्रवाई आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।
दरअसल कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठान विधेयक पर बहस कर रहे थे। इसी दौरान सभापति संदीप शर्मा ने समय का ध्यान दिलाने के लिए घंटी बजाई। इस पर गोविंद सिंह डोटासरा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि बिल पर बहस के दौरान किसी विधायक को घंटी बजाकर टोकने की परंपरा नहीं है और यह गलत है।
नोकझोंक के बाद बढ़ा हंगामा
इस मुद्दे को लेकर डोटासरा और सभापति के बीच तीखी बहस हो गई। सभापति संदीप शर्मा ने कहा कि इस तरह की भाषा में बात नहीं की जा सकती और सदन में कुर्सी का सम्मान किया जाना चाहिए। इस पर मंत्रियों और बीजेपी विधायकों ने भी कड़ा एतराज जताया। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि आसन को धमकाया जा रहा है, जो स्वीकार्य नहीं है।
इसी बीच बीजेपी विधायकों ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि यह कोई नाथी का बाड़ा नहीं है और आसन पर इस तरह की टिप्पणी करना गलत है।
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कांग्रेस विधायकों का वेल में हंगामा
नोकझोंक के बाद कांग्रेस विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे के दौरान डोटासरा और सभापति के बीच तीखे शब्दों का आदान-प्रदान भी हुआ। सभापति ने कहा कि इस तरह की भाषा उचित नहीं है और अपनी भाषा पर ध्यान देना चाहिए।
हंगामा बढ़ने पर संदीप शर्मा की जगह सभापति अर्जुनलाल जीनगर ने चेयर संभाली और सदस्यों से शांत रहने की अपील की, लेकिन कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी जारी रही। इसके बाद सदन की कार्रवाई आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गई।
मेडिकल टेस्ट को लेकर भी हुई तीखी बयानबाजी
सदन की कार्रवाई दोबारा शुरू होने पर स्पीकर वासुदेव देवनानी चेयर पर आए। इस दौरान गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सभापति ने अत्यधिक आक्रामक टिप्पणी की और उनका मेडिकल टेस्ट कराया जाना चाहिए। इस पर स्पीकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उस समय संदीप शर्मा सभापति के रूप में चेयर पर थे और उनके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी नहीं की जा सकती।
इसके बाद संदीप शर्मा ने भी कहा कि डोटासरा का व्यवहार संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं था। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने भी डोटासरा के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्होंने सभापति के प्रति अनुचित टिप्पणियां की हैं।
पूरी कार्रवाई देखकर होगा फैसला
सदन में बने गतिरोध पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभापति को सभी सदस्यों को बोलने के लिए पांच-पांच मिनट का समय देने के निर्देश उन्होंने ही दिए थे। स्पीकर ने कहा कि पूरे मामले की रिकॉर्डिंग देखने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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