Nacha folk art: छत्तीसगढ़ की लोककला नाचा आज भी मनोरंजन के साथ सामाजिक संदेश देने का सशक्त माध्यम है. छत्तीसगढ़ बालोद जिले के तोरण लाल साहू विगत 25 वर्षों से ‘मोर मयारू बेटा’ नाचा पार्टी का संचालन कर रहे हैं. 16 कलाकारों की टीम गीत, संगीत और हास्य के जरिए माता-पिता के सम्मान और सामाजिक जागरूकता का संदेश दे रही है.
नाचा पार्टी का मुख्य उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं
तोरण लाल साहू की नाचा पार्टी में कुल 16 कलाकार शामिल हैं, जो गीत, संगीत, हास्य और सामाजिक संदेशों से भरपूर प्रस्तुतियां देते हैं. उन्होंने बताया कि उनकी नाचा पार्टी का मुख्य उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाना भी है. आज के दौर में जहां कई युवा पैसा कमाने की दौड़ में अपने ही माता-पिता को भूलते जा रहे हैं, वहीं नाचा पार्टी के माध्यम से यह सशक्त संदेश दिया जा रहा है कि माता-पिता ही जीवन का सबसे बड़ा सहारा होते हैं. युवा चाहे अपने कार्यक्षेत्र में कितने भी बड़े मुकाम पर पहुंच जाएं, लेकिन माता-पिता से बड़ा कोई नहीं होता. बुढ़ापे में माता-पिता का सहारा बनना हर संतान का कर्तव्य है यही संदेश उनके कार्यक्रमों का मूल आधार है.
तोरण साहू ने बताया कि उनकी नाचा पार्टी को जनता का भरपूर प्यार मिल रहा है. यही कारण है कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के अलावा महाराष्ट्र और ओडिशा जैसे अन्य राज्यों में भी उनकी टीम कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुकी है. नाचा पार्टी के कार्यक्रम प्रायः रात के समय आयोजित होते हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों की भारी भीड़ उमड़ती है.
16 कलाकारों की टीम
आर्थिक पक्ष की बात करें तो नाचा पार्टी का कार्यक्रम 25 हजार रुपए से शुरू होता है. कार्यक्रम स्थल की दूरी बढ़ने के साथ-साथ बुकिंग राशि में भी बढ़ोतरी हो जाती है. अब तक उनकी टीम द्वारा अधिकतम 32 हजार रुपए की बुकिंग ली जा चुकी है. हालांकि, 16 कलाकारों की टीम होने के बावजूद मेहनत के अनुसार पारिश्रमिक कम मिलने की बात भी तोरण साहू ने सामने रखी. उन्होंने कहा कि नाचा कार्यक्रमों की कीमत कम से कम 50 हजार रुपए होनी चाहिए, ताकि कलाकारों को उनके श्रम का उचित मूल्य मिल सके.
कार्यक्रमों में तोरण लाल साहू स्वयं ‘छोटे जोकर’ की भूमिका निभाते हैं. उनकी हास्य प्रस्तुति दर्शकों को पेट पकड़कर हंसने पर मजबूर कर देती है। उनका कॉमेडी अंदाज हर वर्ग के लोगों बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को समान रूप से पसंद आता है. तोरण साहू ने आगे बताया कि बचपन से ही उन्हें कलाकारी का शौक था और स्कूल के दिनों से ही वे मंच पर प्रस्तुति देने लगे थे. आज उसी जुनून और निरंतर मेहनत के कारण उन्होंने समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. ‘मोर मयारू बेटा’ नाचा पार्टी आज न केवल लोकसंस्कृति की वाहक है, बल्कि सामाजिक सरोकारों की मजबूत आवाज भी बन चुकी है.
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें
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