छत्तीसगढ़ सरकार ने होली पर शराब बिक्री बंद रखने का फैसला लिया है. पहले नई आबकारी नीति में ड्राई डे हटाया गया था, लेकिन अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बहाल कर दिया. आबकारी विभाग जल्द आदेश जारी करेगा. यह कदम त्योहारों पर शांति और भाईचारा बनाए रखने के लिए है. होली 4 मार्च को मनाई जाएगी और इस दिन कोई शराब नहीं बिकेगी. फैसले से सामाजिक संगठन खुश हैं. यह निर्णय कानून-व्यवस्था मजबूत करेगा और त्योहार को सुरक्षित बनाएगा.
छत्तीसगढ़ सरकार ने नया फैसला लिया है.
यह फैसला विभिन्न सामाजिक संगठनों, धार्मिक नेताओं और जनता की भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया प्रतीत होता है. राज्य में होली 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी और इस दिन शराब की कोई बिक्री नहीं होगी. यह निर्णय न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत करेगा बल्कि त्योहार को पारंपरिक रूप से रंग-गुलाल और खुशी से जोड़ेगा. त्योहारों के दौरान शराब बिक्री को लेकर राज्य सरकार का फैसला अक्सर चर्चा का विषय बनता है, लेकिन इस बार होली पर एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है जो सामाजिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देता है.
कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सरकार की प्राथमिकता
यह फैसला राज्य में राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी जन्म दे रहा है, क्योंकि कुछ दिन पहले ही नई आबकारी नीति में ड्राई डे कम करने की खबर से विवाद हुआ था. सरकार का कहना है कि त्योहारों पर शराब की बिक्री बंद रखना शांति और भाईचारे को बढ़ावा देता है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सरकार की प्राथमिकता है. इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में होली पर दुकानें खुलने की बात कही गई थी, लेकिन अब स्पष्ट कर दिया गया है कि शराब बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. आबकारी विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की कि आदेश जल्द जारी होगा और सभी दुकानें बंद रहेंगी. यह कदम उन लोगों के लिए राहत है जो त्योहार को नशामुक्त रखना चाहते हैं. राज्य में पहले भी होली पर ड्राई डे की परंपरा रही है और अब इसे बहाल करने से सामाजिक सद्भाव मजबूत होगा. विभिन्न संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक दबाव का नतीजा मान रहे हैं. कुल मिलाकर, यह निर्णय त्योहार की पवित्रता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाला साबित होगा.
सरकार का पलटवार: ड्राई डे बहाल
नई आबकारी नीति 2026-27 में ड्राई डे की संख्या सात से घटाकर चार करने का प्रस्ताव था, जिसमें होली को हटाया गया था. इससे राजनीतिक विरोध हुआ और सामाजिक संगठनों ने सरकार पर दबाव बनाया. मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप कर होली पर ड्राई डे बहाल किया. आबकारी मंत्री ने कहा कि त्योहारों पर शराब बंद रखना आवश्यक है ताकि कोई दुर्भाग्यपूर्ण घटना न हो. यह फैसला जनभावनाओं का सम्मान करता है. होली के दिन शराब दुकानें बंद रहने से नशे से जुड़ी घटनाएं कम होने की उम्मीद है. पुलिस विभाग अतिरिक्त बल तैनात करेगा. त्योहार रंग, पानी और मिठाइयों पर केंद्रित रहेगा. कई परिवारों ने इस फैसले से खुशी जताई है, क्योंकि यह बच्चों और महिलाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाएगा.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें
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