Grafted Eggplant Technology: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौण्डी विकासखण्ड के अड़जाल गांव के किसान संतोष कुमार ने उद्यानिकी विभाग की मदद से ग्राफ्टेड बैंगन तकनीक अपनाई और पारंपरिक धान खेती छोड़कर नई दिशा पाई है. एक एकड़ में 30 हजार पौधे लगाकर 250 क्विंटल उत्पादन हासिल किया और करीब 5 लाख रुपये की आय अर्जित कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे हैं. आइए तस्वीरों के माध्यम से जानते हैं.
संतोष कुमार ने धान की खेती छोड़कर ग्राफ्टेड बैंगन के उन्नत पौधों को अपनाया. उद्यानिकी विभाग से मिले तकनीकी मार्गदर्शन और अनुदानित पौधों ने उनकी खेती का आधार मजबूत किया.

एक एकड़ क्षेत्र में सघन पद्धति से 30 हजार पौधे लगाए गए. संतुलित खाद प्रबंधन, ड्रिप सिंचाई और पौध संरक्षण उपायों ने फसल को बेहतर वृद्धि और उत्पादन के लिए अनुकूल वातावरण दिया.

खेती शुरू होने के कुछ ही महीनों में संतोष ने 250 क्विंटल से अधिक बैंगन का उत्पादन हासिल किया. ग्राफ्टेड पौधों की गुणवत्ता और रोग – प्रतिरोधक क्षमता ने उत्पादन को स्थिर और लाभकारी बनाया.
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मंडी में बैंगन की मांग और आकार की गुणवत्ता के कारण संतोष को प्रति किलो 20-25 रुपये की कीमत प्राप्त हुई. इसी स्थिर बाजार मूल्य ने एक एकड़ से करीब 5 लाख रुपये तक का लाभ सुनिश्चित किया.

संतोष कुमार अब इस तकनीक को अपना मॉडल मानते हुए आसपास के किसानों को भी प्रेरित कर रहे हैं. उनके अनुसार, विभाग की योजनाओं ने उन्हें आर्थिक मजबूती दी और खेती को नई दिशा दी.
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