Chhattisgarh State Cooperative Bank: छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंकों में वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं. इसके अलावा 500 करोड़ से ज्यादा का भ्रष्टाचार का आरोप बैंक प्रबंधन पर लगा है.
अपेक्स बैंक के अध्यक्ष ने वित्तीय अनियमितताओं को माना
अपेक्स बैंक के अध्यक्ष केदार गुप्ता ने माना है कि किसानों के नाम पर फर्जी ऋण, म्यूल अकाउंट, गलत दस्तावेजों से वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं, जिसमें बैंक के बड़े अधिकारियों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता है. टाटा कंसलटेंसी से अनियमितता की जांच कराई गई है और इसके बाद ऑडिट रिपोर्ट में अलग अलग अनियमितताएं सामने आई हैं और इसके बाद एक्शन लेते हुए सॉफ्टवेयर को ब्लॉक किया गया है.
इधर जैसे ही अपेक्स बैंक अध्यक्ष ने भ्रष्टाचार की जांच EOW को देने की घोषणा की. कई अधिकारी अपनी गर्दन फंसता देख अपेक्स बैंक अध्यक्ष की नियुक्ति को रद्द कराने हाइकोर्ट पहुंच गए, जिसकी सुनवाई भी शुरू हो चुकी है.
दीपक बैज ने जांच का किया समर्थन
पूरे मामले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भ्रष्टाचार की जांच का समर्थन किया है. वहीं पूरे मामले में भाजपा सरकार को घेरते हुए कटघरे में खड़ा करते नजर आए. उन्होंने कहा कि अन्नदाताओं की गाढ़ी कमाई और सरकारी खजाने की जिस तरह से लूट मचाई गई है.
अब इसके बाद जांच के दायरे में बैंक के एमडी, सीईओ समेत कई जिम्मेदार अधिकारी आ रहे हैं, जो जांच के बीच खुद को बचाने राजनीतिक संरक्षण की तलाश कर रहे. देखना होगा कि EOW की जांच में आखिर कौन-कौन से अधिकारी बेनकाब होते हैं.
जिला सहकारी बैंकों में भ्रष्टाचार के चर्चित मामले:
- रायपुर: 10 करोड़ से अधिक के गबन का आरोप लगा है और बैंक के 24 से अधिक लोगों FIR हुई थी.
- अंबिकापुर: 43 करोड़ से ज्यादा का घोटाला सामने आया है.
- बरमकेला: 18 करोड़ के घोटाले का आरोप लगा है. अभी जांच में 50 करोड़ से अधिक का मामला सामने आ सकता है.
- दुर्ग: 50 करोड़ से अधिक घोटाले का आरोप लगा है और कई अधिकारियों FIR हुई है.
- बिलासपुर: 106 करोड़ से अधिक घोटाले के आरोप लगे हैं.
- राजनांदगांव बैंक में भी करोड़ों के वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं.
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