विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विधायक अजय चंद्राकर ने राज्य में गिग वर्कर्स के लिए श्रम कानून का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट, रैपिडो जैसी कई कंपनियां युवाओं का शोषण कर रही हैं. उन्होंने छत्तीसगढ़ में नियम लाने की मांग की. चंद्राकर ने कहा कि राज्य में गिग वर्कर्स का दोहन हो रहा है. गिग वर्कर्स किस श्रेणी में आएंगे, क्या इनके लिए नियम बनाया जाएगा. इसपर मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि भारत सरकार का नियम बनेगा, तो हम पालन करेंगे. छत्तीसगढ़ में अधिकारियों की कमेटी बनाई गई थी, जो समीक्षा कर रहे हैं. जिसके बाद विधायक चंद्राकर ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों ने नियम और अधिनियम बना लिया है, क्या छत्तीसगढ़ में विचार होगा. मंत्री देवांगन ने कहा कि केंद्र सरकार नियम बना रही है. इसका अनुसरण किया जाएगा. चंद्राकर ने कहा कि 2020 के अधिनियम के बाद नियम नहीं बने हैं. जब तक नियम नहीं बनेगा, छत्तीसगढ़ के युवा शोषण के शिकार होते रहेंगे. मंत्री ने कहा कि समिति गठित की थी. प्रक्रिया के बीच केंद्र ने कुछ प्रावधान लाए. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंत्री जी से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं. मंत्री ने कहा कि जो भी नियम से होगा, उसकी प्रक्रिया की जाएगी.
नशीले पदार्थों और दवाओं की तस्करी का मुद्दा
विधायक अजय चंद्राकर ने राज्य में नशीले पदार्थों और दवाओं की तस्करी का मुद्दा भी उठाया. चंद्राकर ने कहा कि नशीले पदार्थों, ड्रग्स, दवाओं की तस्करी पर रोक नहीं लगाई जा सकी है. आसानी से ऑनलाइन और ठेलों पर नशीली दवाएं मिल रही हैं. इसपर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नशीली दवाओं और पदार्थों की तस्करी और बिक्री रोकने लगातार कार्रवाई की जा रही है. इससे जुड़े मामलों के 399 प्रकरणों में 679 आरोपियों को पकड़ा गया है. अफीम, कोकीन, गांजा, नशीली दवाएं आदि जब्त की गई हैं. चेन को खत्म करने की कार्रवाई की जा रही है. आरोपियों की संपत्ति फ्रीज की जा रही है. 16 प्रकरण बनाए गए, जिसमें आरोपियों की प्रॉपर्टी अटैच की गई है.
खारुन नदी में प्रदूषण का मुद्दा
विधायक राजेश मूणत ने खारुन नदी में प्रदूषण का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि खारुन नदी में एसटीपी का गंदा पानी मिल रहा है, इसका दोषी कौन है. गंदा पानी रोकने की क्या नीति है. डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि जिस एसटीपी की बात कही है, उसे 2017 में प्रशासकीय स्वीकृति जारी हुई. मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में कमेटी बनी है. नगर निगम से प्रस्ताव आते ही इसपर काम होगा. नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने प्रदेश में एसटीपी निर्माण का मुद्दा उठाया. उन्होंने गलत जवाब देने की बात कही.
गुमराह करने वाले अधिकारियों को मिलेगी सजा?
उन्होंने कहा कि तीन विधानसभा में उत्तर गलत आए हैं, आपके जवाबदार चीफ इंजीनियर हैं, गुमराह करने वाले अधिकारियों को किस तरह सजा मिलेगी. डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि 12 निकायों में 31 एसटीपी संचालित हैं. अभी जो जानकारी आई है, वो नगरीय प्रशासन के अंतर्गत नहीं है. राज्य और केंद्र मिलकर एसटीपी निर्माण का काम किया जा रहा है. 16 नगरीय निकाय में एसटीपी निर्माण की प्रक्रिया चल रही है. 68 नगरीय निकायों में 96 एसटीपी की स्वीकृत हैं, काम तेजी से चल रहा है. नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि शक्ति ने 60 करोड़ रुपये से एसटीपी निर्माण की स्वीकृति हुई. दो साल बाद पूछने पर भी निविदा प्रक्रियाधीन होने की बात कही जा रही है. अधिकारियों ने एनजीटी को रिपोर्ट भेजी, जिसमें चालू होने की बात कही है. तीन विधानसभा में उत्तर गलत आए हैं. आपके जवाबदार चीफ इंजीनियर हैं. गुमराह करने वाले अधिकारियों को किस तरह सजा मिलेगी. डिप्टी सीएम ने कहा कि कामों को निरस्त नहीं किया है. कामों को स्वीकृति दी गई है. निविदा में आगे बढ़ रहे हैं. गलत जानकारी भेजने के मामले की जानकारी लूंगा, इसमें कार्रवाई करेंगे.
तो मंत्री क्यों बने हैं: पूर्व सीएम भूपेश बघेल
सीएसआर मद को लेकर कलेक्टर द्वारा काम नहीं होने के मुद्दे पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि मंत्री कह रहे कलेक्टर को निर्देश नहीं दे सकते, तो मंत्री क्यों बने हैं. कलेक्टर पर कंट्रोल नहीं है. विधायक ब्यास कश्यप ने जांजगीर चांपा में सीएसआर मद से हुए कार्यों का मुद्दा उठाया था. विधायक ने कहा कि सीएसआर बैठक हुई थी. जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसा किए गए कार्य को प्राथमिकता न देकर कलेक्टर अपने हिसाब से काम बांट रहे हैं. वहीं अनावश्यक कार्य कलेक्टर द्वारा कराए जा रहे हैं. क्या सर्कल से बाहर जाकर काम दिया जा सकता है. क्या इसकी जांच होगी. इसपर मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि 10 करोड़ 54 लाख रुपये के मद मिले हैं. सीएसआर भारत सरकार के नियंत्रण में हैं. जो भी जनप्रतिनिधि मांग करते हैं, उनके अनुसार काम होता है. विधायक के दो काम अनुशंसा में हैं, वो जल्द पूरे होंगे. मंत्री ने कहा कि सीएसआर मद की कमेटी नहीं बनी है. कलेक्टर की अनुशंसा पर काम होता है. प्रतिनिधियों द्वारा भी अनुशंसा पर काम होता है. कंपनी द्वारा भी काम कराया जाता है. राज्य सरकार इसमें किसी भी तरह हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है. क्षेत्र के विकास और स्थिति को देखकर काम की स्वीकृति दी जाती है.
बिलासपुर स्मार्ट सिटी का मुद्दा
धर्मजीत सिंह ने बिलासपुर स्मार्ट सिटी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिले के वार्ड 1, 2, 3 और 4 की उपेक्षा हुई है. उन्होंने गार्डन मुक्तिधाम और अप्रोच रोड बनवाने की मांग की. डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि भारत सरकार ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट शुरू किया था. 100 शहरों में बिलासपुर भी शामिल था, इसमें कई कार्य किए गए. बिलासपुर के आसपास के कुछ इलाकों को मिलाकर सीमा में वृद्धि हुई है. कुछ क्षेत्र में विकास के काम छूटे हैं. सदस्य की मांग को फोकस करते हुए इस दिशा में कार्यवाही होगी. वहीं विधायक संगीता सिन्हा ने जलजीवन मिशन का मुद्दा उठाया. विधायक ने संजरी बालोद में जल जीवन मिशन के तहत नलों से जल आपूर्ति नहीं होने की बात कही. इसपर डिप्टी सीएम ने कहा कि 214 योजनाएं स्वीकृत हैं. 102 योजनाएं पूर्ण हैं. 111 गांवों में जल आपूर्ति हो रही है.
111 गांवों में स्थिति खराब है
विधायक ने कहा कि वह सभी गांवों में गई हैं. 111 गांवों में पूर्ण बताया जा रहा लेकिन स्थिति खराब है. कहीं पानी लीकेज है, पाइप टूटे हैं, टंकी शुरू नहीं हुई है. 111 गांव की लिस्ट है. कहीं भी पानी नहीं आ रहा है. इसपर डिप्टी सीएम साव ने कहा कि जहां-जहां खराब होने की दिक्कत आई है, दुरुस्त किया गया है. जहां शिकायत आ रही है, उसकी जानकारी दें, हम ठीक करा लेंगे. विधायक ने पूछा कि 111 गांवों में पानी पहुंचने का दावा किया जा रहा लेकिन पानी नहीं पहुंचा है. अनियमितता पर कितनी कार्रवाई हुई. इसपर उप-मुख्यमंत्री साव ने जवाब दिया कि इन गांवों में जल आपूर्ति नहीं हो रही, तो जानकारी दें, इसमें सुधार किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि 8 शिकायतें इन क्षेत्रों में मिली हैं, जहां हमने ठीक कराया है. कार्रवाई की है.
1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट
छत्तीसगढ़ सरकार में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश किया था. बजट का कुल आकार 1.72 लाख करोड़ रुपये है. बजट में शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है. इसमें जगरगुंडा और अबूझमाड़ में दो नई एजुकेशन सिटी बनाने का प्रावधान है. बजट में बस्तर और सरगुजा ओलंपिक इवेंट्स के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान है. बजट में किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज देने की घोषणा की गई है. वहीं लड़कियों के 18 साल पूरे होने पर उन्हें डेढ़ लाख रुपये देने का प्रावधान भी रखा गया है.
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा, कबीरधाम, मनेंद्रगढ़, जांजगीर-चांपा और कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे. मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के लिए पांच हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सामाजिक सुरक्षा के तहत पेंशन के लिए 1400 करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट दिया जा रहा है. आईटीआई और पॉलिटेक्निक के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. लाइवलीहुड कॉलेज के लिए 75 करोड़ का प्रावधान है. इससे यूथ की स्किल डेवलप होगी. युवाओं के करियर काउंसलिंग के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. नालंदा कैंपस में करियर काउंसलिंग होगी. सीजीएस असिस्टेंट फॉर कंपीटीटिव एग्जाम स्कीम से युवा परीक्षा के लिए तैयार किए जाएंगे. प्रतिभाशाली युवाओं की आर्थिक मदद के लिए 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. हॉस्टल के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के लिए 10 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का पूरी तरह से जड़ से सफाया करने का वादा किया है. वित्त मंत्री ओपी चौधरी का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पूरी तरह से नक्सल प्रभावित बस्तर और आदिवासी बाहुल्य इलाके सरगुजा पर केंद्रित रहा. बस्तर में कई वर्षों तक कलेक्टर रह चुके वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा के विकास और अधो-संरचना के निर्माण पर विशेष जोर दिया. इसके साथ ही नक्सल प्रभावित इलाकों के नक्सलवाद से मुक्त होने पर उन इलाकों के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भविष्य में उद्योगों को अनुकूल वातावरण देने के लिए विशेष योजनाएं भी इस बजट में बनाई गई हैं.
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