शाहजहांपुर में रोजा जंक्शन के पास रेलवे क्रॉसिंग पर हुए हादसे के बाद रेलवे अफसरों ने संज्ञान लेते हुए क्रॉसिंग को तुरंत ही दोनों तरफ से एंगल लगाकर बंद करा दिया गया। पूरे मामले की जांच मंडल स्तर से गठित कमेटी करेगी। उसके बाद जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। इस मानवरहित क्रॉसिंग पर बुधवार शाम ट्रेन से कटकर पति-पत्नी, दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। ये सभी एक ही बाइक पर सवार थे। क्रॉसिंग पार करते समय ट्रेन की चपेट में आ गए थे।
लखनऊ-दिल्ली रेल खंड व सीतापुर ब्रांच लाइन पर अधिकतर मानव रहित क्रॉसिंग को रेलवे ने बंद करा दिया है। हादसे का प्रमुख केंद्र बने गोविंदगंज रेलवे फाटक पर दीवार खड़ी कर दी गई, जिससे लोग रेलवे लाइन पार नहीं कर सके, लेकिन, पॉवर केबिन के सामने बने मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग की ओर ध्यान नहीं दिया गया।
तीन महीने पहले भी हुआ था हादसा
रेलवे के कर्मचारियों की आवाजाही के लिए बनी क्रॉसिंग पर आमजन भी निकलते है। पक्की रोड से रेलवे लाइन के बीच होकर गुजरना होता है। इसी क्रॉसिंग पर तीन महीने पहले शंटिंग पोर्टर राजेश्वर की बेटी पूजा की ट्रेन से कटकर मौत हुई थी। तब भी अफसरों ने संज्ञान नहीं लिया। बुधवार की शाम को दो बच्चों समेत पांच लोगों की ट्रेन की चपेट में आकर मौत होने के बाद रेलवे के उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया।
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हादसे के तीन घंटे के अंतराल में रेलवे क्रॉसिंग पर दोनों ओर लोहे के एंगल लगाकर बंद कर दिया गया। रेलवे ने भी हादसे की जांच के लिए मंडल स्तर से कमेटी का गठन कर दिया है। टीम यहां आकर पूरी पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट डीआरएम को देगी। उसके बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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