शिवपुरी शहर के गुरुद्वारा से पुरानी शिवपुरी रोड स्थित सुषमा मेडिकल स्टोर पर शुक्रवार को नकली आयुर्वेदिक दवाओं की आशंका के चलते छापामार कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर पुलिस बल और कोर्ट कमिश्नर की मौजूदगी में की गई, जिसमें चिरायु पोषक
कैसे खुला नकली दवा का खेल
दरअसल, ग्वालियर स्थित चिरायु फार्मास्युटिकल्स के उत्पाद चिरायु और चिरायु पोषक की बिक्री पिछले कुछ समय से मध्य भारत में अचानक गिरने लगी थी, जबकि बाजार में इन दवाओं की उपलब्धता बनी हुई थी। इसी विरोधाभास ने कंपनी को सतर्क किया। आंतरिक जांच में सामने आया कि चिरायु पोषक की हू-ब-हू नकल तैयार कर उसे असली बताकर बेचा जा रहा है। नकली दवा इतनी मिलती-जुलती थी कि बोतल के निचले हिस्से और घटिया गुणवत्ता से ही फर्क पकड़ा जा सकता था।
ऐसे हो रही थी डुप्लीकेट दवा की सप्लाई
जांच में पता चला कि मंजीत दहल, योगेश दहल और आशीष शिवहरे बिना औषधि लाइसेंस के नकली दवा तैयार कर रहे थे और इसे जबलपुर, ग्वालियर और शिवपुरी के नेटवर्क के जरिए बाजार में उतारा जा रहा था।
आरोप है कि जबलपुर की मेसर्स खुन्नेलाल एंड कंपनी, भटेजा एजेंसी और शिवपुरी के सुषमा मेडिकल स्टोर सहित अन्य माध्यमों से यह डुप्लीकेट दवा सप्लाई की जा रही थी, जिससे असली कंपनी के उत्पाद की बिक्री प्रभावित हो रही थी और उपभोक्ताओं की सेहत भी खतरे में पड़ रही थी।
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