सात माह की गर्भवती नाबालिग लड़की की सर्जरी कर डिलिवरी कराने वाले डॉक्टर की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। जांच में यह बात सामने आई है कि अनीसाबाद स्थित संजीवनी क्लिनिक में गायनोकोलॉजिस्ट ने नहीं, बल्कि सर्जन ने नाबालिग की सर्जरी की थी। उसे यह पता था कि लड़की नाबालिग है। इसके बाद भी उसने मोटी रकम लेकर ऑपरेशन किया। पुलिस ने डॉक्टर के अलावा क्लिनिक के तीन अन्य कर्मियों की भी पहचान की है, जो ऑपरेशन में मदद कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने नाबालिग लड़की के प्रेमी राहुल, उसकी मां लक्ष्मी और क्लिनिक के संचालक राकेश को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि संजीवनी क्लिनिक रजिस्टर्ड नहीं है। इसके संचालक राकेश की डॉक्टरों से सेटिंग थी और वह पेशेंट के आने पर संबंधित डॉक्टर को फोन कर बुलाता था। पुलिस ने इस क्लिनिक के बारे में पूरी जानकारी सिविल सर्जन और जिला प्रशासन को दे दी है। अब इस क्लिनिक में आने वाले डॉक्टरों की भी जांच होगी। संभावना है कि सिविल सर्जन की जांच के बाद इसे सील कर दिया जाएगा। नाबालिग प्रेमिका का अपहरण कर प्रेमी ने कराई थी डिलिवरी राहुल गर्दनीबाग की एक युवती से प्रेम करता था। वह नाबालिग है। सात माह की गर्भवती भी थी। राहुल ने अपनी मां लक्ष्मी के साथ मिलकर साजिश रची आैर उसने दो मार्च को प्रेमिका को मां से मिलाने का झांसा देकर बुलाया। मां ने संजीवनी क्लिनिक के संचालक राकेश से पहले ही 50 हजार रुपए में सेटिंग कर ली थी। दो मार्च को ही लड़की की सर्जरी कराकर डिलिवरी कराई गई। इधर, लड़की की मां ने बेटी की गुमशुदगी की शिकायत की थी। लड़की की तलाश करते हुए पुलिस जब संजीवनी क्लिनिक पहुंची, तब मामले का खुलासा हुआ।
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